भारत और चीन विवाद के बीच बुधवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, थावरचंद गहलोत, प्रहलाद जोशी, वी.मुरलीधरन, राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और टी शिवा हिस्सा लेने पहुंचे।

नई दिल्ली. भारत और चीन विवाद के बीच बुधवार को मोदी सरकारने सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, थावरचंद गहलोत, प्रहलाद जोशी, वी.मुरलीधरन, राज्यसभा सांसद गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और टी शिवा हिस्सा लेने पहुंचे। उधर, राजनाथ सिंह गुरुवार को राज्यसभा में चीन से सीमा विवाद पर अपना बयान देंगे। 

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इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से खबर छापी है, जिसके मुताबिक, 29-30 अगस्त को पैंगॉन्ग त्सो झील के उत्तरी छोर पर दोनों तरफ से 100 से 200 राउंड हवाई फायरिंग हुई थी। बता दें कि चीनी सैनिकों ने पैंगोंग झील के उत्तरी इलाके में घुसपैठ की कोशिश की थी। इसे भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया था। इसके अलावा कुछ ऊंची चोटियों पर भी बढ़त बना ली थी।

राजनाथ सिंह ने कहा था, अभी हल नहीं हुआ मुद्दा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में एलएसी पर चीन के साथ विवाद के मुद्दे पर जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने कहा, भारत और चीन सीमा मुद्दा अभी हल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, भारत इस मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहता है। राजनाथ सिंह ने कहा, मैं सभी को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि सीमा पर हम किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा, लद्दाख में हम एक चुनौती के दौर से गुजर रहे हैं और हमें प्रस्ताव पारित करना चाहिए कि पूरा सदन जवानों के साथ खड़ा है। चीन की पोल खोलते हुए राजनाथ सिंह ने बताया कि चीन ने एलएसी और अंदरूनी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सैनिक टुकड़ियां और गोला बारूद जमा किया हुआ है।

'सीमा विवाद एक जटिल मुद्दा'
राजनाथ सिंह ने कहा, दोनों देश इस बात पर सहमत हुए हैं कि सीमा विवाद एक जटिल मुद्दा है। इसका समाधान शांतिपूर्ण बातचीत से ही संभव है। उन्होंने कहा, यह भी बताना चाहता हूं कि अभी तक भारत-चीन के बॉर्डर इलाके में कॉमनली डेलीनिएटिड एलएसी नहीं है और LAC को लेकर दोनों की धारणा अलग-अलग है। चीन सीमा पर असहमत है।