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भारत की वर्तमान सरकार को अलग तरह से पेश करने की हो रही कोशिश: विदेश मंत्री जयशंकर

कोरोना के कहर के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, भारत की सरकार को अलग तरह से पेश करने की राजनीतिक कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा, राजनीतिक तौर पर बनाई गई छवि और सरकार की वास्तविक छवि में काफी अंतर है। जयशंकर अमेरिका के पूर्व सुरक्षा सलाहकार जनरल एसआर मैकमास्टर के साथ वार्ता कर रहे थे। 

Foreign Minister S Jaishankar says Political Effort To Depict Our Government A Certain Way KPP
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New Delhi, First Published May 27, 2021, 5:35 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना के कहर के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, भारत की सरकार को अलग तरह से पेश करने की राजनीतिक कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा, राजनीतिक तौर पर बनाई गई छवि और सरकार की वास्तविक छवि में काफी अंतर है। जयशंकर अमेरिका के पूर्व सुरक्षा सलाहकार जनरल एसआर मैकमास्टर के साथ वार्ता कर रहे थे। 

हूवर इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित सत्र 'भारत: रणनीतिक साझेदारी के लिए अवसर और चुनौतियां' में अपनी बात रखते हुए बुधवार को विदेश मंत्री ने कहा, हम वास्तव में 80 करोड़ लोगों को निशुल्क भोजन दे रहे हैं। पिछले कई महीनों तक दिया और अब कोरोना की दूसरी लहर में भी दे रहे हैं। 

40 करोड़ लोगों के खाते में पैसे भेजे 
जयशंकर ने बताया, भारत सरकार ने कोरोना के इस दौर में 40 करोड़ लोगों के खातों में सीधे पैसा भेजा। उन्होंने कहा, अगर हम अमेरिका से तुलना करें, तो वहां की आबादी से ढाई गुना अधिक लोगों का पेट भर रहे हैं और वहां की आबादी के बराबर लोगों के खाते में पैसे डाल रहे हैं। यह अब भारत सरकार बिना चर्चा में आए कर रही है। 

भेदभाव का कोई आधार नहीं
विदेश मंत्री ने कहा, हम यह सब निरपेक्ष रुप से कर रहे हैं। इससे ज्यादा क्या होना चाहिए। ऐसा करने में कोई भेदभाव भी नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, जब आप वास्तविक फैसलों को देखें तो आप साफ तौर पर राजनीतिक तौर पर गढ़ी गई छवि और असली छवि में अंतर पाएंगे। इसलिए मेरा मानना है कि आप लोग इसे राजनीतिक के असल खेल की तरह ही इसे लें। 

हम अपने लोकतंत्र को लेकर आश्वस्त
जयशंकर ने कहा, हम भारत के लोग अपने लोकतंत्र को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। भारत हमेशा से एक बहुलतावादी समाज है। विदेश मंत्री ने कहा, मेरा मानना है आप जिस भारत को देख रहे हैं, वह कई मायनों में लोकतंत्र का और गहरा होना है। या यूं कहें कि यह लोगों का राजनीति, नेतृत्व के पदों और समाज में व्यापक प्रतिनिधित्व है। वे लोग जो अपनी संस्कृति, अपनी भाषा और अपनी मान्यताओं को लेकर कहीं अधिक आश्वस्त हैं। 

हिंदुत्व की नीतियों पर पूछा गया सवाल
वहीं, जब मैकमास्टर ने हिंदुत्व की नीतियों पर सवाल पूछा था। उन्होंने पूछा- कोरोना के दौर में भारत की आंतरिक राजनीति में क्या बदलाव आए हैं और क्या भारत के मित्रों का इन बदलावों को लेकर चिंतित होना सही है?

इस पर जयशंकर ने कहा, वे इस सवाल का राजनीतिक जवाब देंगे। उन्होंने कहा, पहले के समय में वोट बैंक की राजनीति पर निर्भरता बहुत अधिक थी। इसका मतलब था कि लोगों की पहचान, उनकी मान्यता के आधार पर मतदाताओं से अपील की जाती थी। लेकिन अब इसमें अंतर आ चुका है। हम इस परिपाटी से अलग हो चुके हैं। निश्चित ही यह एक अंतर है। 

धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है सभी धर्मों के लिए समान सम्मान
 जयशंकर ने कहा, भारत के लोग विभिन्न धर्मों से जुड़े हैं और दुनियाभर में धार्मिक आस्थाएं वहां की संस्कृति और पहचान से बहुत करीब से जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा, हमारे समाज में धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है सभी धर्मों के लिए समान सम्मान। धर्मनिरपेक्षता का यह मतलब नहीं है कि आप अपने धर्म या किसी और के धर्म को स्वीकार ही न करें। 

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