दिल्ली के जामिया में बंदूक लहराने और फिर फायरिंग मामले में पूर्व पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि अगर मैं वहां होता तो हमलावर के पांव पर गोली चलाता और उसे काबू कर लेता। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस से काफी उम्मीद थी। 

नई दिल्ली. दिल्ली के जामिया में बंदूक लहराने और फिर फायरिंग मामले में पूर्व पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि अगर मैं वहां होता तो हमलावर के पांव पर गोली चलाता और उसे काबू कर लेता। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस से काफी उम्मीद थी। हमलावर को 20 सेकेंड का मौका दिया। हथियार चमकाया। नारेबाजी की। गोली चलाई। बता दें कि फायरिंग में जामिया के एक छात्र को हाथ में गोली लग गई।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

"पुलिस की तैयारी में कमी थी"
उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व महानिदेशक विक्रम सिंह ने कहा, पुलिस की तैयारी में कमी थी। उसमें परिवर्तन करने की जरूरत है। उसने अवैध हथियार लहराया। जो शब्द बोल रहा है उसकी मनोचिकित्सक जांच होनी चाहिए। उसके दिमाग में इतना जहर कहां से आया। 

कौन है फायरिंग करने वाला शख्स
जामिया में फायरिंग करने वाला शख्स नाबालिग है। वह ग्रेटर नोएडा का रहने वाला है। जामिया का स्टूडेंट नहीं है। फायरिंग के दो घंटे पहले उसने फेसबुक पर एक के बाद एक कई पोस्ट की। फायरिंग के 2 घंटे पहले इसने लिखा, मेरे घर का ध्यान रखना।

जामिया में क्या हुआ?
गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे जामिया इलाके में उस वक्त एक शख्स बंदूक लेकर लहराता फिर फायरिंग करता दिखा, जिस वक्त जामिया के छात्र यूनिवर्सिटी से राजघाट तक सीएए के विरोध में मार्च निकालने जा रहे थे। उस वक्त मौके पर पुलिस भी मौजूद थी। फायरिंग में जामिया के एक छात्र के हाथ में गोली लग गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है।