India Energy Security: PM मोदी ने संसद बजट सत्र 2026 में मध्य-पूर्व संघर्ष और ऊर्जा संकट पर राज्यसभा में संबोधन दिया। नागरिक सुरक्षा, पेट्रोल-डीज़ल आपूर्ति और भारत की आर्थिक तैयारी पर जोर, सरकार ने आपात समूह बनाए, विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की। जानिए LPG, पेट्रोल, डीज़ल और तेल की सप्लाई सुरक्षित है या नहीं?

Parliament Budget Session 2026: मंगलवार, 24 मार्च 2026 को संसद के बजट सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा को संबोधित करते हुए मध्य-पूर्व में चल रहे अमेरिका-इज़राइल और ईरान संघर्ष के असर पर विस्तार से बात की। उन्होंने नागरिकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए कहा कि यह संघर्ष भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन देश की बुनियाद मज़बूत है।

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PM मोदी का संदेश: भारत की तैयारी और सुरक्षा

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संकट के दौरान भारत को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी राज्य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों से ‘टीम इंडिया’ के रूप में एकजुट होने का आग्रह किया। जमाखोर और कालाबाज़ारी करने वाले तत्व ऐसे समय में सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई जरूरी है। PM ने यह भी बताया कि सात नए अधिकार प्राप्त समूह बनाए गए हैं, जो आपूर्ति श्रृंखला, पेट्रोल, डीज़ल, गैस, उर्वरक और महंगाई से जुड़े संकटों का सामना करेंगे।

विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद 3,75,000 से अधिक भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट आए हैं, जिनमें 1,000 से अधिक ईरान में रहने वाले नागरिक और 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जो लोग घायल हुए हैं, उन्हें सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

ऊर्जा सुरक्षा: होरमुज़ जलडमरूमध्य और तेल आयात

PM मोदी ने बताया कि होरमुज़ जलडमरूमध्य से भारत को पहले रोजाना 1.3 मिलियन बैरल कच्चा तेल मिलता था। मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष और मिसाइल हमलों के कारण टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे ब्रेंट क्रूड के दाम चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीज़ल और गैस की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आएगी और घरों में कीमतों पर नियंत्रण रखा जाएगा।

COVID-19 और मध्य-पूर्व संघर्ष: तुलना और सीख

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी भारत ने एकजुट होकर चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने राजनीतिक दलों और सरकार से अपील की कि इस समय अफवाह फैलाने वाले तत्वों को सफल न होने दें। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तटीय सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को अलर्ट पर रखा गया है।

पीएम मोदी का क्या था मुख्य संदेश?

PM मोदी ने कहा कि युद्ध इंसानियत के पक्ष में नहीं है और शांति बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। नागरिकों को भी सतर्क रहना होगा और अफवाहों से बचना होगा।