इसरो के महत्वाकांक्षी मानव रहित गगनयान मिशन का क्रू (कर्मचारी) मॉड्यूल बेंगलुरु के एलपीएस से श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र भेजा गया है।

बेंगलुरु: इसरो के महत्वाकांक्षी मानव रहित गगनयान मिशन का क्रू (कर्मचारी) मॉड्यूल बेंगलुरु के एलपीएस से श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र को रवाना कर दिया गया है। इसरो ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि 'लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम के एकीकरण के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, इसे पहले मानव रहित गगनयान मिशन के हिस्से के रूप में भेजा गया है।'

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विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में डिज़ाइन किया गया क्रू मॉड्यूल, किसी भी परिस्थिति में स्थिर रहे, इसके लिए CMUS को भी क्रू मॉड्यूल में जोड़ा गया है। फरवरी में इसका परीक्षण किया जाएगा। गगनयान इंसानों को अंतरिक्ष में ले जाने वाला मिशन है, लेकिन पहले प्रयोग के तौर पर इंसानों की जगह मानवाकृतियाँ भेजी जाएंगी। अगर यह सफल रहा, तो बाद में अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा जाएगा।

मोदी की प्रशंसा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में अमेरिका की स्पेसएक्स कंपनी के रॉकेट के जरिए बेंगलुरु की पिक्सल कंपनी द्वारा उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने की सराहना की। उन्होंने कहा, 'मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि बेंगलुरु की भारतीय स्पेस टेक स्टार्टअप पिक्सल ने देश का पहला निजी उपग्रह समूह 'फाइलफ्लाई' सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया है। यह दुनिया का प्रमुख हाई-रेजोल्यूशन हाइपरस्पेक्ट्रल उपग्रह समूह है।

यह उपलब्धि न केवल भारत को आधुनिक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बनाती है, बल्कि देश को अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम भी है।' उन्होंने कहा कि यह निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में देश की बढ़ती क्षमताओं और नवाचारों का प्रतीक है। मोदी ने कहा कि मैं इस उपलब्धि के लिए पिक्सल, इसरो और IN-SPACe को बधाई देता हूँ। पिक्सल का लक्ष्य कुल 18 उपग्रहों का समूह अंतरिक्ष में स्थापित कर, मौसम और पृथ्वी के वातावरण की सटीक जानकारी इकट्ठा करना है।