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स्कूटी पंक्चर कर रोका फिर गैंगरेप और पेट्रोल डालकर आग लगाने तक..उस रात हुई दरिंदगी की पूरी कहानी

डॉक्टर निशा से गैंगरेप और हत्या के मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच होगी। शवों के पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों का एक पैनल बनाया जाएगा। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जा सकती है।  

Gang rape accused face encounter with doctor Nisha in Hyderabad
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Hyderabad, First Published Dec 6, 2019, 12:45 PM IST
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हैदराबाद. डॉक्टर निशा से गैंगरेप और हत्या के मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच होगी। शवों के पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों का एक पैनल बनाया जाएगा। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जा सकती है। 28 नवंबर को एक ब्रिज के नीचे डॉक्टर का जला हुआ शव मिला था। आज जो हुआ उसका लोगों ने स्वागत किया। पीड़िता के पिता ने कहा कि अब जाकर मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिली। ऐसे में बताते हैं कि 27 नवंबर से लेकर 6 दिसंबर की सुबह तक, डॉक्टर निशा को कैसे मिला न्याय।

27 नवंबर 

शाम 5.50 बजे घर से निकलीं डॉक्टर निशा
पुलिस के मुताबिक डॉक्टर 27 नवंबर (बुधवार) को अस्पताल गई थी, फिर बुधवार की शाम को वापस लौटी और शाम 5.50 बजे दूसरी क्लिनिक जाने के लिए घर से निकली। उसने शम्शाबाद टोल प्लाजा पर अपनी स्कूटी पार्ट की और कैब लेकर चली गई।

रात 9.00 बजे टोल प्लाजा पर वापस आई
पास में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि रात 9.00 बजे डॉक्टर वापस टोल प्लाजा पर आ गई थी। वहां आकर देखा तो स्कूटी पंक्चर थी। वहां मौजूद 2 लोगों ने उसकी मदद  करने के लिए कहा।

रात 9.15 बजे बहन को आखिरी कॉल की
डॉक्टर की बहन भव्या ने बताया कि रात 9.15 बजे उसकी (डॉक्टर) कॉल आई थी। उसने बताया था कि उसकी स्कूटी का टायर पंक्चर हो गया है, दो लोगों ने उसकी मदद के लिए कहा है। फोन पर डॉक्टर ने भव्या को बताया था कि वह डर रही है। 

फोन पर बताया, पास में कई ट्रक खड़े हैं 
डॉक्टर ने फोन पर बहन भव्या को डरते हुए बताया कि लोग उसे घूर-घूर कर देख रहे हैं। उसने आस-पास कई अनजान लोग हैं। कई भरे हुए ट्रक भी पार्क हैं। यह सुनने के बाद भव्या ने डॉक्टर से कहा कि वह पास के टोल गेट पर चली जाए और वहीं इंतजार करे। उसने यह भी कहा कि जरूरी लगे तो स्कूटी वहीं पर छोड़ दे। 

रात 9.44 बजे फोन ऑफ
डॉक्टर को सलाह देकर बहन भव्या निकले के लिए तैयार होने लगी। कुछ देर बाद ही उसने फिर से डॉक्टर को कॉल किया। उस वक्त करीब 9.44 बज रहा होगा। डॉक्टर का फोन ऑफ आ रहा था। इसके बाद परिवार के लोगों ने पुलिस को खबर दी। 

28 नवंबर

सुबह 5 बजे दूधवाले ने देखा था शव 
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 नवंबर की सुबह अंडर कंस्ट्रक्शन ब्रिज के पास से एक दूधवाला गुजर रहा था। उसने किनारे पर नग्न और जली हुई लाश देखी। इसके बाद तुरन्त पुलिस को खबर दी। मौके पर पुलिस पहुंची तो उसे शक हुआ कि कहीं यह डॉक्टर की लाश तो नहीं, क्योंकि रात में वक्त उसके गायब होने की रिपोर्ट लिखाई गई थी।

सुबह 7.30 बजे घरवालों को बुलाया
पड़ताल करते हुए करीब एक घंटे से ज्यादा बीत गया, फिर पुलिस ने डॉक्टर के घरवालों को घटना स्थल पर बुलाया। तब करीब 7.30 बज रहे होंगे। लाश इतनी जली हुई थी कि पहचानना मुश्किल था। घरवालों ने गले में लटके लॉकेट से पहचाना कि यह उनकी बेटी का ही है। 

11 किमी. दूर मिली स्कूटी
डॉक्टर की पहचान होने पर पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो घटनास्थल से 11 किमी. की दूरी पर डॉक्टर की स्कूटी मिली। शम्शाबाद डीजीपी प्रकाश रेड्डी ने बताया था कि हमने पड़ताल में आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पड़ताल के लिए 10 टीमें बनाई गई थीं।

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 डॉक्टर निशा की स्कूटी

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