जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने शुक्रवार को दिल्ली के राजघाट में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। मर्केल पांचवे भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श (IGC) के लिए दिल्ली में हैं। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया और राष्ट्रपति भवन में एक औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया। 

नई दिल्ली. जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने शुक्रवार को दिल्ली के राजघाट में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। मर्केल पांचवे भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श (IGC) के लिए दिल्ली में हैं। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया और राष्ट्रपति भवन में एक औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया। 

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20 समझौतों पर हो सकते हैं हस्ताक्षर
मर्केल विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर दिन में मोदी के साथ बातचीत करेंगी और दोनों देशों के बीच लगभग 20 समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। भारत और जर्मनी के बीच बातचीत के एजेंडे में मुख्य विषयों में कौशल विकास, जलवायु, सतत विकास, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था शामिल हैं।

राष्ट्रगान के दौरान क्यों बैठी रहीं एंजेला मर्केल
राष्ट्रपति भवन में स्वागत समारोह के दौरान एंजेला मर्केल खड़ी नहीं हुईं, बल्कि कुर्सी पर बैठी रहीं। राष्‍ट्रगान के दौरान उनके बैठे रहने के पीछे का कारण उनका स्‍वास्‍थ्‍य है। एंजेला मर्केल को बिना किसी की मदद के अधिक समय तक खड़े होने में परेशानी होती है, इसलिए जर्मनी की ओर से भारत सरकार से अनुरोध किया गया था कि उन्‍हें इसकी छूट दी जाए। इसलिए उनके लिए कुर्सी का इंतजाम किया गया था।

पहली बार जून में मर्केल के साथ दिखी दिक्कत 
मर्केल को हाल ही में दो से तीन सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी हेल्थ से जुड़ी दिक्कत दिखी। वह पहली बार जून में यूक्रेन के राष्ट्रपति के स्वागत कार्यक्रम के दौरान मर्केल थर-थर कांपने लगी थीं। यह पहली बार नहीं है जब मर्केल ने प्रोटोकॉल तोड़ा। इससे पहले अगस्त में लिथुआनियाई राष्ट्रपति के बगल में बैठी थीं और हाल ही में बीजिंग की यात्रा के दौरान भी ऐसा देखा गया।