शिवसेना ने नए राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए सोमवार को भाजपा के साथ 30 साल पुराना रिश्ता खत्म कर दिया। विधानसभा चुनाव में साथ लड़ने के बाद शिवसेना का अलग होना भाजपा के नेताओं को रास नहीं आ रहा है।

मुंबई. शिवसेना ने नए राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए सोमवार को भाजपा के साथ 30 साल पुराना रिश्ता खत्म कर दिया। विधानसभा चुनाव में साथ लड़ने के बाद शिवसेना का अलग होना भाजपा के नेताओं को रास नहीं आ रहा है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शिवसेना पर निशाना साधा।

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गिरिराज सिंह ने सोमवार को ट्वीट कर शिवसेना पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, बाला साहेब के वर्षों की तपस्या ने सनातनियों को महाराष्ट्र में एक उम्मीद और पहचान दी। आज हिंदुत्व विरोधियों के साथ जाता देख बाला साहेब और शिवसैनिक कराह रहे होंगे। इतिहास गवाही देगा की कैसे बालासाहेब ने सबको एक किया और कुछ ने सबको बिखेर दिया। 

शिवसेना ने 30 साल पुराना रिश्ता खत्म कर दिया
मुख्यमंत्री पद को अड़ी शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने की कोशिशों में लगी है। एनसीपी की शर्त मानते हुए शिवसेना सासंद अरविंद सावंत ने मोदी मंत्रिमंडल से सोमवार को इस्तीफा दे दिया। इसी के साथ भाजपा और शिवसेना का 30 साल पुराना रिश्ता भी खत्म हो गया।

एनसीपी ने शर्त रखी थी कि पार्टी तभी समर्थन देगी जब शिवसेना एनडीए से बाहर आएगी। इससे पहले 2014 में भी भाजपा शिवसेना ने अलग अलग चुनाव लड़ा था। लेकिन बाद में साथ आकर सरकार बनाई थी।