Goa Nightclub Fire: क्या पतली एग्जिट, ताड़ के पत्तों का ढांचा और DJ नाइट की भीड़ ने 25 लोगों की जान ली? अरपोरा के ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ में आग कैसे कुछ मिनटों में मौत का फंदा बन गई-क्या यह सिर्फ हादसा था या अनदेखी की कहानी?

पणजी, गोवा। गोवा की एक खूबसूरत रात देखते ही देखते मौत की रात में बदल गई। अरपोरा गांव के मशहूर नाइटक्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ में लगी अचानक आग ने पूरे क्लब को मिनटों में अपनी चपेट में ले लिया। तेज़ आवाज़ में बजते DJ, डांस फ्लोर पर ठहाके और बैकवॉटर के बीच पार्टी का मज़ा-सब कुछ क्षणभर में दहशत और मातम में बदल गया। करीब 100 लोग उस समय क्लब में मौजूद थे और किसी को अंदाज़ा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में यहां अफरा-तफरी, चीखें और अंधेरा छा जाएगा। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। रात करीब 1 बजे शुरू हुआ यह हादसा कैसे इतना बड़ा बन गया?सरकार ने इस घटना को “बहुत दर्दनाक दिन” बताया है और हाई-लेवल जांच शुरू की गई है। लेकिन सवाल ये है कि गोवा जैसे टूरिस्ट स्टेट में इतने बड़े क्लब के लिए सुरक्षा नियम आखिर कैसे ढीले पड़ गए?

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क्या नाइटक्लब की पतली एंट्री-एग्जिट मौत की सबसे बड़ी वजह बनी?

इस क्लब का प्रवेश और निकास बेहद संकरा था। बैकवॉटर के किनारे बने इस नाइटक्लब को “आइलैंड क्लब” कहा जाता था और यहां पहुंचने के लिए भी छोटी, घुमावदार गलियों से गुजरना पड़ता था। यही बात हादसे के दौरान सबसे बड़ा खतरा बन गई। जब आग अचानक उठी, तो क्लब के अंदर मौजूद लोगों के पास भागने के लिए खुली जगह ही नहीं थी। संकरी एग्जिट में भगदड़ मच गई। कई लोग जल्दी बाहर निकल पाए, लेकिन कई वहां फंस गए।

आग कैसे लगी? क्या ताड़ के पत्ते और लकड़ी का स्ट्रक्चर वजह बना?

चश्मदीदों के मुताबिक, क्लब में कुछ हिस्से ताड़ के पत्तों और लकड़ी जैसे सामग्री से बने थे। आग कैचिंग मटेरियल बहुत जल्दी आग पकड़ लेते हैं। हैदराबाद की टूरिस्ट फातिमा शेख ने बताया कि “हम डांस कर रहे थे तभी अचानक चिंगारियां दिखीं और थोड़ी देर में स्ट्रक्चर आग की लपटों में घिर गया। रात को मशहूर DJ बॉलीवुड बैंगर नाइट चल रही थी, और भीड़ काफी ज्यादा थी। जैसे ही आग दिखी, लोग एक साथ एग्जिट की ओर भागे। एग्जिट बहुत पतला था, जिसकी वजह से जाम जैसी स्थिति बन गई। कई लोग दूसरी तरफ रास्ता खोजते हुए नीचे किचन पहुंचे, लेकिन वहां धुआं भर चुका था। ऐसे क्लबों में किचन एरिया अक्सर बंद होता है, जिससे धुआं अंदर फंस जाता है-यही लोगों की मौत का कारण बना।

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फायर ब्रिगेड क्लब तक क्यों नहीं पहुंच पाई?

रिपोर्ट के अनुसार, फायर इंजन क्लब तक नहीं पहुंच सके क्योंकि रास्ता बहुत पतला था। फायरकर्मियों को अपनी गाड़ियां लगभग 400 मीटर दूर पार्क करनी पड़ीं। इससे आग बुझाने में देरी हुई, और यह देरी कई जानें ले गई।

क्या नाइटक्लब अवैध रूप से चल रहा था? पंचायत का क्या दावा है?

स्थानीय पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर ने दावा किया कि क्लब बिना सही अनुमति के चल रहा था। उन्होंने कहा कि क्लब के पार्टनर आपस में विवाद में थे। एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें की गईं। जांच में सामने आया कि क्लब को निर्माण की परमिशन नहीं थी। पंचायत ने तोड़ने का नोटिस दिया था। लेकिन डायरेक्टरेट ऑफ पंचायत ने कार्रवाई रोक दी। इससे कई नए सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या यह हादसा उन प्रशासनिक लापरवाहियों की वजह से हुआ जिन्हें समय रहते रोका जा सकता था?

घटना वाली रात क्या हो रहा था?

नाइटक्लब के इंस्टाग्राम पेज के मुताबिक, उस रात “बॉलीवुड बैंगर नाइट” थी। पार्टी पूरी रौनक पर थी। डांस फ्लोर पर चल रही बॉलीवुड बैंगर नाइट अचानक चीखों और धुएं में बदल गई। क्लब में लगभग 100 लोग मस्ती कर रहे थे, तभी तेज धमाके जैसी आवाज आई और आग की लपटें ऊपर उठने लगीं। तुरंत अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग किसी तरह बाहर भागे, लेकिन कई लोग घबराकर नीचे स्थित किचन एरिया की ओर दौड़ पड़े। वहीं धुआं भर गया और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

सरकार और केंद्र का क्या बयान आया?

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इसे “बहुत दर्दनाक दिन” बताया और जांच के आदेश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर दुख जताया और कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।