सरकार ने झारखंड में बिजली परियोजना के लिए कोयला ब्लॉक का आवंटन रद्द कर दिया है 

नई दिल्ली: सरकार ने झारखंड में बिजली परियोजना के लिए कोयला ब्लॉक का आवंटन रद्द कर दिया है। इसकी वजह एक दशक से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी ब्लॉक को परिचालन में लाने में कोई खास प्रगति नहीं होना है। यह कोयला ब्लॉक कर्णपुरा एनर्जी लिमिटेड को 2009 में आवंटित किया गया था।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कोयला मंत्रालय ने कंपनी को लिखे पत्र में कहा , " कोयला ब्लॉक (मौर्या कोयला ब्लॉक) के आवंटन के 10 साल बाद भी उसके परिचालन की दिशा में कोई खास प्रगति नहीं हुई है।" कोयला ब्लॉक के विकास में ज्यादा देर होने की वजह से कोयला मंत्रालय ने कंपनी को दिसंबर 2013 और सितंबर तथा अक्टूबर , 2019 में कारण बताओ नोटिस जारी किए थे।

कंपनी ने नवंबर 2019 में मंत्रालय को भेजे अपने जवाब में कहा कि जमीन और पानी की अनुपलब्धता और स्थानीय निवासियों के विरोध के कारण कोयला ब्लॉक के विकास में अड़चनें आ रही हैं। हालांकि, मंत्रालय ने इस जवाब को "संतोषजनक नहीं पाया" है।

मंत्रालय ने कहा, आवंटन पत्र के अनुसार, कोयला खनन परियोजना के विकास में संतोषजनक प्रगति नहीं होने और आवंटन की शर्तों के उल्लंघन समेत अन्य कारणों की वजह से ब्लॉक के खनन पट्टे को रद्द किया जा सकता है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)