PM मोदी ने आंध्र प्रदेश से एयरपोर्ट के नामों पर बड़ा राजनीतिक बयान दिया। ₹18,000 करोड़ की परियोजनाओं के बीच आखिर 'एक परिवार' वाली परंपरा पर क्यों साधा निशाना? जानिए पूरा मामला।
अमरावती: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के अमरावती और भोगपुरम में लगभग ₹18,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन भी किया और अपने संबोधन में एयरपोर्टों के नामकरण को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया। पीएम ने कहा कि पहले देश में एयरपोर्ट के नाम "एक ही परिवार" तक सीमित रहते थे, लेकिन उनकी सरकार ने इस परंपरा को बदलकर देश के महान संतों, स्वतंत्रता सेनानियों और जननायकों को सम्मान देने का काम किया है। इस ऐतिहासिक दिन को और भी यादगार बनाया वहां की जनजातीय विरासत ने, जहां 13,000 से ज्यादा आदिवासी बहनों और बेटियों ने एक साथ 'धीमसा नृत्य' (भिमसा) की अद्भुत प्रस्तुति देकर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया।
'एक परिवार' वाले बयान से दिया बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले एयरपोर्टों का नामकरण सीमित सोच के तहत होता था, जबकि अब सरकार ने इस परंपरा को बदल दिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि, पंजाब के एयरपोर्ट का नाम संत रविदास और भोगपुरम एयरपोर्ट का नाम स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा गया है। पीएम मोदी ने उदाहरण देते हुए समझाया कि कैसे अब महापुरुषों और संतों को सम्मान मिल रहा है:
- अयोध्या हवाई अड्डा: इसका नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है।
- पंजाब का हवाई अड्डा: संत रविदास जी के नाम पर इसका नामकरण हुआ है।
- भोगपुरम हवाई अड्डा: आदिवासियों के हितों के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर इसे समर्पित किया गया है।
स्वर्ण आंध्र का विजन: कोस्टल कॉरिडोर और 'डबल स्पीड' से विकास
पीएम ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण की तारीफ करते हुए कहा कि एनडीए की टीम आंध्र प्रदेश के विकास के लिए 'डबल स्पीड' से काम कर रही है। उन्होंने 'स्वर्ण आंध्र' के विजन को रेखांकित करते हुए बताया कि विशाखापट्टनम से कृष्णापट्टन तक कोस्टल इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाया जा रहा है। मुलापेट्टा और रमायापट्टनम में नए पोर्ट्स विकसित हो रहे हैं, जिससे देश की 'ब्लू इकोनॉमी' को नई ताकत मिलेगी। इसके साथ ही, राज्य में ₹1 लाख करोड़ की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जहां पूरा रेल नेटवर्क 100% इलेक्ट्रिफाइड हो चुका है।
ये भी पढ़ें… 14 साल बाद पासपोर्ट फीस में 67% बढ़ी! आखिर सरकार ने क्यों लिया बड़ा फैसला? संसद में बताई वजह
₹18,000 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
पीएम मोदी ने अपने दौरे में एयरपोर्ट के अलावा सड़क, ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं 'स्वर्ण आंध्र विजन' को नई गति देंगी और राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।
मुख्य परियोजनाएं
- अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन।
- सड़क और ऊर्जा क्षेत्र की कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत।
- उत्तर आंध्र में कनेक्टिविटी और निवेश बढ़ाने पर जोर।
एयरपोर्ट को बताया विकास का 'रनवे'
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एयरपोर्ट केवल हवाई यात्रा की सुविधा नहीं देगा, बल्कि उत्तर आंध्र के आर्थिक विकास का नया 'रनवे' बनेगा। उन्होंने कहा कि यह युवाओं के लिए रोजगार, व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर पैदा करेगा।
धीमसा नृत्य क्या है?
धीमसा (Dhimsa) आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और विजयनगरम ज़िलों के पहाड़ी क्षेत्रों तथा अराकु घाटी की जनजातियों का मुख्य लोक नृत्य है। यद्यपि इसकी जड़ें पड़ोसी राज्य ओडिशा के कोरापुट जिले से जुड़ी हैं, लेकिन इसे पहचान आंध्र प्रदेश की एजेंसी क्षेत्रों से मिली। 'धीमसा' शब्द का अर्थ पैरों की लयबद्ध आवाज़ (Sound of footsteps) से है।
धीमसा नृत्य के विश्व रिकॉर्ड का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आदिवासी संस्कृति की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि 13 हजार से अधिक आदिवासी महिलाओं और बेटियों ने पारंपरिक धीमसा नृत्य प्रस्तुत कर विश्व रिकॉर्ड बनाया, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय विरासत का प्रतीक है। दौरे के अगले चरण में प्रधानमंत्री कर्नाटक के मैसूरु पहुंचे, जहां उन्होंने स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) का उद्घाटन किया। यह केंद्र युवाओं में नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास और मूल्य आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।
ये भी पढ़ें…. 12 PHOTOS: कैसा दिखता है ₹5,640 करोड़ का अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट?


