कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि सरकार संशोधित नागरिकता कानून को लेकर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के संशयों को दूर करने के लिए तैयार है, लेकिन यह नियमों के दायरे में होना चाहिए।

नई दिल्ली. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि सरकार संशोधित नागरिकता कानून को लेकर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के संशयों को दूर करने के लिए तैयार है, लेकिन यह नियमों के दायरे में होना चाहिए।

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यह संभवत: पहली बार है जब किसी केंद्रीय मंत्री ने शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की इच्छा जताई है। शाहीन बाग में प्रदर्शनकारी संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ पिछले 40 दिनों से धरने पर हैं।

प्रसाद ने ट्विटर करके कहा

प्रसाद ने ट्विटर पर कहा, "सरकार शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए तैयार है लेकिन यह नियमों के दायरे में होना चाहिए और नरेंद्र मोदी सरकार उनसे संवाद कर सीएए के प्रति उनके सारे संदेहों को दूर करने के लिए तैयार है।"

सीएए वापस लिए जाने तक कोई संवाद नहीं होगा

उन्होंने टीवी चर्चा का लिंक भी साझा किया जिसमें उन्होंने हिस्सा लिया था। इस चर्चा में, प्रदर्शन से जुड़े एक व्यक्ति ने मंत्री से पूछा था कि केंद्र सरकार शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की कोशिश क्यों नहीं कर रही है। प्रसाद ने कहा कि यह "अच्छी बात" है कि लोग कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन कुछ लोगों को टेलीविजन पर कहते हुए सुना गया कि सीएए वापस लिए जाने तक कोई संवाद नहीं होगा।

मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा

प्रसाद ने कहा, "अगर आप चाहते हैं कि सरकार का कोई प्रतिनिधि बात करे, तो शाहीन बाग से नियमानुसार अनुरोध होना चाहिए जो कहे कि वहां के सभी लोग इस विषय पर बात करना चाहते हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि शाहीन बाग बातचीत करने का स्थान नहीं है।

प्रसाद ने कहा, "मान लो कि वहां कोई गया और उसके साथ बदसलूकी हो गई तो।" दक्षिणपूर्वी दिल्ली का शाहीन बाग प्रदर्शन स्थल भाजपा के चुनाव अभियान का अहम मुद्दा है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)