अलीगढ़ के एक छोटे से गांव में टूटे-फूटे मकान रहने वाले श्याम सुंदर और उनकी पत्नी पुष्पा ये विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि उनका बेटा राहुल (25) दो दो चीनी फर्मों का डायरेक्टर है। राहुल करोड़ों रुपए के हवाला कारोबार में आरोपी है और उसका फोन रविवार से बंद जा रहा है। किसी को यह नहीं पता कि वह कहां है। 

आगरा. अलीगढ़ के एक छोटे से गांव में टूटे-फूटे मकान रहने वाले श्याम सुंदर और उनकी पत्नी पुष्पा ये विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि उनका बेटा राहुल (25) दो दो चीनी फर्मों का डायरेक्टर है। राहुल करोड़ों रुपए के हवाला कारोबार में आरोपी है और उसका फोन रविवार से बंद जा रहा है। किसी को यह नहीं पता कि वह कहां है। 

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टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में राहुल के पिता ने बताया कि शक्रवार से उनके बेटे की तलाश में कई सरकारी एजेंसियां पूछताछ करने के लिए आ चुकी हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने इसकी जानकारी होने से इनकार किया है। 

बेटे ने बदल ली थी नौकरी
श्याम सुंदर के मुताबिक, उनका बेटा राहुल नोएडा में एक मोटर व्हीकल पार्ट बनाने वाली कंपनी में काम करता था। लेकिन बाद में उसने अपनी नौकरी बदल ली। वह दूसरी कंपनी में काम करने लगा, क्यों कि उसे वहां ज्यादा पैसे मिल रहे थे। लेकिन उन्हें कंपनी का नाम नहीं पता। 

मिलती थी इतनी सैलरी
टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में श्याम सुंदर ने बताया, राहुल ने मुझे बताया कि उसे 2000 रुपए मासिक सैलरी मिलती है, वहीं अन्य खर्चों के लिए उसे 2000 रुपए अलग से मिलते हैं। कंपनी ने उसका आधार और पैन भी लिया था। उन्होंने बताया कि उनका बेटा दिल्ली में है, लेकिन कहां ये नहीं पता। 

मामले में कैसे आया नाम?
माना जा रहा है कि राहुल की मर्जी के बिना उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कहीं किया गया है। यह मामला तब सामने आया, जब दिल्ली में हाल में एक मनी लॉन्ड्रिंग का रैकेट पकड़ा गया। 

राहुल की मां ने बताया कि उसने इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा किया। इसके बाद वह नौकरी करने के लिए नोएडा चला गया। राहुल के परिवार के पास 12 बीघा जमीन है। इसी पर खेती करके परिवार गुजर बसर करता है। राहुल के दो भाई और एक बहन है। बहन की शादी हो गई है। 

क्या है मामला? 
कुछ हफ्तों पहले दिल्ली में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कुछ चीनी लोगों और उनके स्थानीय मददगारों को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि यह पूरा हवाला रैकेट 1000 करोड़ रुपए का है। 

इस मामले में आईटी ने दिल्ली, गुड़गांव और गाजियाबाद में करीब 2 दर्जन जगहों पर छापा मारा था। 

इन सबके पीछे चीनी नागरिक लुओ सांग का हाथ
इन सबके पीछे आयकर विभाग चीनी नागरिक लुओ सांग का हाथ बता रही है। सांग गिरफ्तार हो चुका है। वह भारत में फर्जी पासपोर्ट और नाम बदलकर रह रहा था। लुओ सांग नकली कंपनियों के नाम पर चीन से हवाला पैसे का व्यापार करता था। जांच एजेंसी को जांच में 40 फर्जी अकाउंट भी मिले हैं, जिनमें करीब 1000 करोड़ रुपए मंगाया गया।