राजधानी में जहरीली हुई हवा के चलते लागू की गई हेल्थ इमरजेंसी कायम है। शहर पर धुंध की चादर छाई है। सफर के मुताबिक दिल्ली में सोमवार सुबह 7.37 पर एक्यूआई 708 (गंभीर) है। वहीं दिल्ली में आज से ऑड ईवन का फॉर्मूला भी लागू हो गया है। बता दें दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ऑड ईवन स्कीम लागू करने का ऐलान किया था।

नई दिल्ली. राजधानी में जहरीली हुई हवा के चलते लागू की गई हेल्थ इमरजेंसी कायम है। शहर पर धुंध की चादर छाई है। सफर के मुताबिक दिल्ली में सोमवार सुबह 7.37 पर एक्यूआई 708 (गंभीर) है। वहीं दिल्ली में आज से ऑड-ईवन का फॉर्मूला भी लागू हो गया है। बता दें दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ऑड इवन स्कीम लागू करने का ऐलान किया था।

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4 से 15 नवंबर तक ऑड ईवन
दिल्ली में 4 नवंबर से 15 नवंबर तक ऑड इवन चलेगा। ऑड-ईवन नियम के तहत ऑड (विषम- 1,3,5,7,9) तारीख को ऑड नंबर की कार और ईवन (सम संख्या - 2,4,6,8,0) तारीख को ईवन नंबर की कार चलेगी। 

इन्हें मिलेगी छूट
दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन के फॉर्मूले में उन महिलाओं को छूट दी है जो चार पहिआ वाहन में अकेली होंगी, साथ ही जिन वाहन में महिला के साथ स्कूल के बच्चे होंगे उन्हें भी इस फॉर्मूले से दूर रखा गया है। रविवार के दिन भी ऑड-ईवन फॉर्मूले में मिलेगी छूट।

बता दें दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को आसमान वायु की गुणवत्ता खतरनाक ‘गंभीर श्रेणी’ में पहुंचने के बाद ईपीसीए ने ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति’ घोषित कर दी। दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली के सभी स्कूलों को 5 नवंबर तक बंद करने के आदेश दिए थे। वहीं पांच नवम्बर तक सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर भी रोक लगी है।

एक्यूआई 0-50 के बीच ‘अच्छा’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच ‘मध्यम’, 201-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब’, 401-500 के बीच ‘गंभीर’ और 500 के पार ‘बेहद गंभीर एवं आपात’ माना जाता है।

मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि हवा की गति में थोड़ा सुधार है और धीरे-धीरे यह बढ़ सकती है। रविवार से मंगलवार तक इस क्षेत्र में 20-25 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवाएं चलने की संभावना है। मौसम कार्यालय ने कहा कि चक्रवात ‘महा’ और ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में सात और आठ नवम्बर को बारिश होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि हालांकि हल्की बारिश होगी लेकिन यह जल रही पराली के प्रभाव को कम करने के संदर्भ में महत्वपूर्ण होगी और प्रदूषकों को भी दूर करेगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी ट्वीट कर हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने से होने वाले धुंए की वजह से दिल्ली के गैस चेंबर में तब्दील होने की बात कही थी।