मौसम विभाग ने 30 जुलाई से 1 अगस्त तक असम और पड़ोसी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ASDMA ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है। अरुणाचल और नागालैंड के कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई से 1 अगस्त तक असम और पड़ोसी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। इसके बाद असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।
इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों, जिनमें पूर्वी सियांग, लोहित, नमसाई, लोंगडिंग, पापुमपारे, निचला सुबनसिरी और निचली दिबांग घाटी शामिल हैं, में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है। इसका असर असम के सीमावर्ती जिलों तिनसुकिया, धेमाजी और लखीमपुर पर पड़ सकता है। तिनसुकिया जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
नागालैंड के मोन, मोकोकचुंग और वोखा जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिससे पड़ोसी असम के जिलों चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट पर असर पड़ सकता है।
पूर्वी सियांग, लोहित, नमसाई, लोंगडिंग, निचले सुबनसिरी और निचली दिबांग घाटी के अधिकांश स्थानों पर 6-11 सेमी प्रति दिन की भारी बारिश के साथ गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं, पापुमपारे जिले में अलग-अलग स्थानों पर 12-20 सेमी प्रति दिन की बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिसका असर असम के पड़ोसी जिलों पर पड़ सकता है।
मौसम की मौजूदा स्थिति से जलभराव, बाढ़, अचानक बाढ़, वाहनों की धीमी गति और संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
ASDMA ने जारी की एडवाइजरी
जिला अधिकारी और ASDMA स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को अलर्ट पर रखा गया है।
इस पूर्वानुमान को देखते हुए, ASDMA ने संबंधित जिलों के निवासियों से आवश्यक सावधानी बरतने और सतर्क रहने का अनुरोध किया है। प्राधिकरण ने रोजाना यात्रा करने वालों और लंबी दूरी के यात्रियों को सलाह दी है कि वे उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक आवाजाही से बचें।
निचले और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले निवासियों को भी बाढ़ या भूस्खलन के संकेतों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम की स्थिति पर अपडेट आधिकारिक ASDMA वेबसाइट और उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। जनता से स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक मौसम अपडेट और सलाह का पालन करने का आग्रह किया गया है।
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