नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहमदाबाद के पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय (PDPU) में दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। सुल्तान अलिमुद्दीन इस यूनिवर्सिटी के एक पुराने छात्र हैं। पीएम मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने से उनकी कुछ पुरानी यादें ताजा हो गईं। उन्होंने इन्हें ट्विटर पर भी शेयर किया है। उन्होंने लिखा, वे 2006 में यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए आए थे। उस वक्त गुजरात में दंगों और भूकंप का डर था। लेकिन नरेंद्र मोदी और गुजरात के लोगों ने उनके व्यक्तित्व और मानसिकता को बदल दिया। इतना ही नहीं, अलिमुद्दीन ने एक बार पीएम मोदी को कुरान भी भेंट की थी। उन्होंने मोदी के साथ 6 मुलाकातों पर एक किताब भी लिखी है।

सुल्तान लिखते हैं, नरेंद्र मोदी और उनकी पहली मुलाकात संयोग से हुई थी। मार्च 2010 में गुजरात के अखबार दंगों को लेकर विशेष जांच टीम की जांच से भरे थे। उस वक्त नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। वहीं, सुल्तान पीडीपीयू के छात्र थे। उन्होंने उस वक्त सीधे मोदी को जांच में गुजरात सरकार की प्रभावशीलता पर सवाल  उठाया। लेकिन हैरानी की बात ये थी कि सरकार की ओर से इस ट्वीट का जवाब आया और उन्हें गुजरात के सीएम दफ्तर से बैठक के लिए बुलाया गया। 


सुल्तान अलिमुद्दीन अब तक 6 बार पीएम मोदी से मुलाकात कर चुके हैं।


'जब मोदी ने कहा, मैंने मुस्लिमों के लिए कुछ नहीं किया'
1 अप्रैल 2010 को हुए इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने सुल्तान को बताया कि उन्होंने मुस्लिमों के लिए अलग से कुछ नहीं किया। इसी तरह ना ही उन्होंने हिंदू, जैन, सिखों के लिए किया। ऐसा इसलिए, क्योंकि उनके कंधों पर गुजरात के करीब 5.5 करोड़ लोगों की जिम्मेदारी थी। इसलिए मैंने जो कुछ किया, वह इसी को ध्यान में रखते हुए किया। इसके बाद नरेंद्र मोदी ने उन्हें बताया कि उनका सपना भारत को गैस, तेल जैसे सेक्टरों में आत्मनिर्भर बनाना है। क्योंकि भारत इन सेक्टरों में करीब 70% आयात करता है। 

अलीमुद्दीन व्यक्तिगत रूप से नरेंद्र मोदी से प्रेरित थे। दिसंबर 2013 में मोदी ने उन्हें हार नहीं मानने के लिए कहा था। दुनिया हमेशा रास्ते में खड़ी रहेगी। दीर्घकालिक लक्ष्य के लिए, आपको सभी बाधाओं से दोस्ती करनी होगी। सपने हमेशा देखने चाहिए। क्योंकि आज की दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है।


सुल्तान ने पीएम से हुईं मुलाकातों पर ये किताब भी लिखी है।

दिमाग में कैसे ठीक हुई गुजरात की छवि?
अलीमुद्दीन ने कहा, जब वह गुजरात आए थे तो उनके दिमाग में असहिष्णु राज्य की छवि थी। हालांकि, यह नरेंद्र मोदी के गुजरात में मिट गई। कभी कोई असुविधा, कोई अस्थिरता, कोई पूर्वाग्रह, कोई असहिष्णुता नहीं थी। उनके धर्म ने उनकी प्रगति में कभी बाधा नहीं डाली। गुजरात के लोग हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे आते हैं। कुल मिलाकर, इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का उनका जीवन यादगार बन गया है। वह वर्तमान में एक बड़ी कंपनी में काम कर रहे हैं। देश के साथ-साथ विदेशों में भी काम करने का अनुभव है। अलीमुद्दीन के अनुसार, दुनिया भर में भारत की धारणाओं में एक बड़ा बदलाव आया है। और वह नरेंद्र मोदी की वजह से।