हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमालयन ब्रह्मो समाज शिमला ट्रस्ट की मूल डीड पेश करने का निर्देश दिया है। यह आदेश दो FIR की जांच के संबंध में दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, जांच एजेंसी के पास अब तक सिर्फ डीड की सर्टिफाइड कॉपी है और मूल कॉपी वेरिफिकेशन के लिए जरूरी है।
शिमला (हिमाचल प्रदेश) [भारत], 17 जुलाई (एएनआई): हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक साथ जुड़े कई मामलों की सुनवाई करते हुए, दो एफआईआर की चल रही जांच के सिलसिले में हिमालयन ब्रह्मो समाज शिमला (ट्रस्ट) की मूल ट्रस्ट डीड पेश करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी नेगी की खंडपीठ ने शीतल व्यास बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य व अन्य के साथ-साथ इससे जुड़ी आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश पारित किया।
कोर्ट में पेश हुई स्टेटस रिपोर्ट
खंडपीठ ने पुलिस स्टेशन वेस्ट, शिमला के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) द्वारा दायर की गई स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें कहा गया है कि 2024 की एफआईआर और 2024 की एफआईआर की जांच अभी भी चल रही है। स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी ने पहले ललित वर्मा से ट्रस्ट डीड की केवल एक प्रमाणित प्रति प्राप्त की थी, जबकि सत्यापन के लिए मूल दस्तावेज़ अभी तक पेश नहीं किया गया है।
डीड पेश करने के लिए भेजा गया था नोटिस
पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि वर्मा को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 94 के तहत एक नोटिस दिया गया था, जिसमें उन्हें मूल ट्रस्ट डीड और अन्य संबंधित रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया गया था। नोटिस का पालन नहीं किए जाने के बाद, सक्षम मजिस्ट्रेट के माध्यम से एक और नोटिस जारी किया गया।
सुनवाई के दौरान, संबंधित आपराधिक रिट याचिका में याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील अमित सिंह चंदेल ने कहा कि अगली सुनवाई की तारीख पर मूल ट्रस्ट डीड अदालत के समक्ष पेश की जाएगी। इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए और यह देखते हुए कि मामला काफी समय से लंबित है, खंडपीठ ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में मूल ट्रस्ट डीड पेश की जाए। मामले को अगली सुनवाई के लिए 28 जुलाई, 2026 को सूचीबद्ध किया गया है। (एएनआई)
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