केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, प्रहलाद जोशी और पीयूष गोयल ने रविवार को प्रेस वार्ता में उपसभापति के अनादर को लेकर विपक्ष से नाराजगी जताई और इसे दुखद काफी दुखद बताया। उन्होंने कहा कि यदि सदन में मार्शल मोजूद नहीं होते तो शायद उपसभापति पर शारिरिक हमला भी हो सकता था।

नई दिल्ली. राज्यसभा में कृषि से संबंधित बिलों को केंद्र सरकार ने रविवार को पास करा दिया है। लेकिन इस दौरान हुए हंगामे और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण के साथ विपक्ष द्वारा अनादर किए जाने पर सोमवार शाम मोदी सरकार के तीन मंत्रियों ने प्रेस वार्ता की। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, प्रहलाद जोशी और पीयूष गोयल ने प्रेस वार्ता में उपसभापति के अनादर को लेकर विपक्ष से नाराजगी जताई और इसे काफी दुखद बताया। उन्होंने कहा कि यदि सदन में मार्शल मोजूद नहीं होते तो शायद उपसभापति पर शारिरिक हमला भी हो सकता था।

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पंजाब, हरियाणा समेत देश भर के कई किसान संगठनों समेत विपक्षी दल इन विधेयकों का विरोध कर रहे हैं। लेकिन रविवार को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में हुए हंगामें पर केंद्र सरकार विपक्ष से काफी नाराज नजर आ रही है। प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर विपक्ष को वोट देना था तो उनको अपनी सीट पर जाकर देना चाहिए था। उपसभापति ने सांसदों को 13 बार अपनी सीट पर जाने के लिए अनुरोध किया था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उपसभापति का माइक तोड़ा गया, तार टूट गए, उनके सामने नियम पुस्तिका फाड़ दी गई। प्रसाद ने कहा कि कल का दिन संसद के लिए एक शर्मनाक दिन था।