NEET-UG पेपर लीक पर संसद में जारी गतिरोध के बीच 'INDIA' गठबंधन के नेताओं ने राहुल गांधी के आवास पर बैठक की। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। विपक्षी नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
नई दिल्ली [भारत], 23 जुलाई (एएनआई): संसद में नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर बने गतिरोध के बीच गुरुवार को 'इंडिया' ब्लॉक के कई सांसद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर पहुंचे। राहुल गांधी के सुनेहरी बाग रोड स्थित आवास के बाहर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई थी। रैपिड एक्शन फोर्स की बसें भी तैनात की गई हैं। सुनेहरी बाग रोड कृष्णा बाग रोड पर अमित शाह के आवास की ओर जाती है, और किरण रिजिजू का आवास भी पास में ही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रेणुका चौधरी, प्रमोद तिवारी के साथ एनसीपी (एससीपी) सांसद सुप्रिया सुले और राजद सांसद मीसा भारती गांधी के आवास पर पहुंचे। निलंबित टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और पार्टी नेता महुआ मोइत्रा, सीपीआई सांसद पी संतोष कुमार और शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत भी विपक्षी नेताओं की बैठक में शामिल होने पहुंचे।
नेताओं ने साधा सरकार पर निशाना
बैठक के महत्व को कम आंकते हुए खड़गे ने संवाददाताओं से कहा, "(राहुल गांधी) ने हमें चाय पर बुलाया था। इसलिए मैं चाय पीने आया हूं।" शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध के बाद राष्ट्रीय राजधानी में भारी पुलिस उपस्थिति के बीच केसी वेणुगोपाल ने केंद्र पर निशाना साधा। वेणुगोपाल ने कहा, "पूरी दिल्ली में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। वे इसे युद्ध जैसी स्थिति बना रहे हैं।"
कांग्रेस सांसद जोतिमणि सेन्निमलाई ने कहा, "वह विपक्ष के नेता हैं। हम सभी उनकी पार्टी के सांसद हैं। हम उनसे मिलने आए थे। लेकिन सरकार ने पूरे इलाके की किलेबंदी कर दी है। मैं उनकी घबराहट समझ सकती हूं। हम विपक्ष के नेता से मिल रहे हैं। लेकिन हम सरकार का डर देख सकते हैं।"
कांग्रेस सांसद और पार्टी के पंजाब प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, "अगर हम अपनी योजना का खुलासा कर देंगे तो दुश्मन बहुत सतर्क है। दिल्ली पुलिस, अमित शाह जी के लोग यहां पहले ही आ चुके हैं। हम लड़ेंगे और हम जीतेंगे।"
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, "इस्तीफा तो होना ही चाहिए।" राजद सांसद मनोज झा ने नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर देश भर में हो रहे व्यापक विरोध के बीच स्थिति पर चिंता व्यक्त की। झा ने कहा, "देखिए जंतर-मंतर और विभिन्न राज्यों में क्या हो रहा है। युवाओं में बहुत अशांति है। आने वाले क्षणों में आपको पता चल जाएगा कि हम क्या कर रहे हैं। देश की हालत देखकर मैं चिंतित हूं।"
रेणुका चौधरी ने इस बैठक को 'इंडिया' ब्लॉक के दलों के बीच एकता के संकेत के रूप में देखा। उन्होंने कहा, "पूरा 'इंडिया' ब्लॉक, हम इस मुद्दे पर एक साथ लड़ रहे हैं।"
संसद में क्यों बना हुआ है गतिरोध?
यह बैठक नीट-यूजी पेपर लीक विवाद पर संसद में बने गतिरोध के बीच हो रही है, जहां विपक्ष ने चर्चा के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राज्यसभा के नियम 267 को शर्त के रूप में पेश किया है। केंद्र ने कहा है कि वह नीट विवाद और संबंधित मामलों पर चर्चा के लिए तैयार है, और विपक्ष से कोई शर्त न रखने को कहा है। नियम 267 एक सांसद को संसद के उच्च सदन में कामकाज को निलंबित करने की मांग करने की अनुमति देता है।
गुरुवार को संसद परिसर के अंदर एनडीए और 'इंडिया' ब्लॉक के सांसदों के बीच सीधा टकराव हुआ, क्योंकि दोनों पक्षों ने मकर द्वार पर अलग-अलग मुद्दों पर एक साथ प्रदर्शन किया। 21 जुलाई को विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास लोक कल्याण मार्ग पर धरना-प्रदर्शन किया था। (एएनआई)
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