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भारत-पाकिस्तान की जेलों में कैद 954 लोगों को है वतन लौटने का इंतजार, सरहद लांघने की गलती ने किया बे-वतन

साल 2008 में दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत दोनों देशों में बंद एक दूसरे देशों के नागरिकों की लिस्ट साल में पहली जनवरी और 1 जुलाई को सौंपी जाती है। 

India Pakistan exchanged the list of Civilian prisioners and fishermen, Know all about DHA
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New Delhi, First Published Jul 1, 2021, 4:53 PM IST
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नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान ने एक दूसरे की जेलों में बंद सिविलयन्स और मछुआरों की लिस्ट सौंपी है। भारत ने अपने यहां बंद 271 पाकिस्तानी नागरिकों और 74 मछुआरों की लिस्ट पाकिस्तान को सौंपी। जबकि पाकिस्तान में कैद 51 भारतीय नागरिकों और 558 मछुआरों की लिस्ट भारत को सौंपी। 

साल में दो बार दोनों देश करते हैं बंदियों की लिस्ट का आदान-प्रदान

दरअसल, साल 2008 में दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत दोनों देशों में बंद एक दूसरे देशों के नागरिकों की लिस्ट साल में पहली जनवरी और 1 जुलाई को सौंपी जाती है। 

भारत ने जल्द से जल्द अपने लोगों को छोड़ने की अपील की

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को लिस्ट सौंपकर उसके जेलों में बंद भारत के कई सैनिकों, मछुआरों और आम लोगों को जल्द से जल्द छोड़ने की अपील की है। 

एक सिविलयन और 295 भारतीय मछुआरों की पहचान हो चुकी

भारत ने पाकिस्तान में बंद एक सिविलियन और 295 मछुआरों की पहचान करके यहां के नागरिक होने की पुष्टि कर दी है। साथ ही 17 सिविलियन और 194 मछुआरों, जोकि पाकिस्तान की जेल में बंद हैं, के पहचान और पुष्टि के लिए कंसुलर एक्सेस जल्द से जल्द देने का अनुरोध किया है। उधर, पाकिस्तान से भी 78 लोगों की पहचान करने की बात कही गई है। 

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