संयुक्त राष्ट्र(United Nations) में भारत ने एक बार फिर कश्मीर में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार किया। UN में भारत के स्थायी सदस्य आर मधुसूदन(R Madhusudan) ने पाकिस्तान से अवैध कब्जे वाले कश्मीर के सभी क्षेत्रों को खाली करने को कहा। 

वाशिंगटन. संयुक्त राष्ट्र(United Nations) में भारत ने एक बार फिर कश्मीर में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार किया। UN में भारत के स्थायी सदस्य आर मधुसूदन(R Madhusudan) ने पाकिस्तान से अवैध कब्जे वाले कश्मीर के सभी क्षेत्रों को खाली करने को कहा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(UNSC) में भारत ने पुरजोर तरीके से कश्मीर का मुद्दा उठाया। मधुसूदन ने कहा कि सम्पूर्ण कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है। उधर, पाकिस्तान के प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। इस पर मधुसूदन ने जवाब दिया कि पाकिस्तान का इतिहास रहा है कि वो आतंकवादियों को पनाह देते हुए उनकी मदद करता रहा है।

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ये मुद्दे भी उठाए गए
बैठक में 1971 में पूर्वी पाकिस्तान में नरसंहार, (अब बांग्लादेश), मुंबईआतंकवाद-2008 में हुए हमले में 166 नागरिक मारे गए, 2009 में संघर्ष के बाद श्रीलंका को सहायता, अफगानिस्तान में US$3 बिलियन की विकास परियोजनाएं जैसे मुद्दे भी रखे गए। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी सदस्य पीआर अंब तिरुमूर्ति( PR Amb Tirumurti) ने कहा कि मुंबई के आतंकी हमले शहरी युद्ध के व्यापक पैमाने और दायरे का प्रतीक हैं, जिसे हमें जिहादी आतंकवादियों के खिलाफ खड़ा करना था।

इससे पहले आर मधुसूदन ने कहा कि दुनिया में आतंकी घटनाओं की जड़ पाकिस्तान में मिलती है। खूंखार आतंकवादी ओसामा बिन लादेन भी पाकिस्तान में ही मिला था। हम यहां नागरिक सुरक्षा की बात कर रहे हैं, तो इसे सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद से है। पाकिस्तान का भारत के मुंबई में हुए आतंकी हमले से लिंक रहा है। मधुसूदन ने इसे नागरिकों पर हमले का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।

पाकिस्तान आतंकवादियों का पनाह देता है
भारत ने कहा कि पाकिस्तान लगातार झूठे आरोप लगाता है। यह पहली बार नहीं है, जब उसने भारत के खिलाफ झूठे आरोप लगाए हैं। पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करता है। वो अपनी दु:खद स्थिति से दुनिया का ध्यान हटाने ऐसा करता है। पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र परिषद द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी पनाह लिए हुए हैं। भारत ने कहा कि सारी दुनिया को पता है कि पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है। उसका एक स्थापित इतिहास रहा है कि वो आतंकवादियों को पनाह देने, उन्हें सहायता करने और समर्थन देने की नीति रखता है। दुनियाभर में आतंकवादी हमलों की उत्पत्ति किसी न किसी रूप में पाकिस्तान से हुई है। भारत ने इसके लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की आलोचना भी की।

यूएन की विश्वसनीयता पर भी सवाल
इससे पहले भारत ने आतंकवाद की एक साझा परिभाषा पर संयुक्त राष्ट्र के सहमत नहीं होने पर चिंता जताई थी। भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने वैश्चिक संकट से निपटने और आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करने कोई समन्वित नीति नहीं बनाई। भारत ने दो टूक कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ एक व्यापक संधि करने की प्रक्रिया को टालते रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में द्वितीय सचिव दिनेश सेतिया ने सोमवार को पर महासचिव की रिपोर्ट पर विचार-विमर्श के लिए आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक में कहा था कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से देश और समाज जिस सबसे खतरनाक संकट से जूझ रहे हैं, उस आतंकवाद को लेकर गंभीरता से निपटने की हमारी अक्षमता संगठन पर सवाल खड़े करती है।

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