प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि भारत का खिलौना निर्यात 2600 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। पहले देश से 300-400 करोड़ के खिलौने ही बाहर भेजे जाते थे। भारत का 70 फीसदी खिलौना आयात कम हुआ है।  

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को भारतीय खिलौना उद्योग की सफलता की सराहना की। अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में नरेंद्र मोदी ने कहा कि खिलौना उद्योग ने कम समय में वह सफलता हासिल की है, जिसकी किसी ने कल्पणा तक नहीं की थी। पहले भारत से 300-400 करोड़ रुपए के खिलौनों का निर्यात होता था। आज यह बढ़कर 2600 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

उन्होंने कहा कि जब खिलौनों की बात होती है तो वोकल फोर लोकल की गूंज हर ओर सुनाई देती है। पहले भारत में तीन हजार करोड़ रुपए से अधिक के खिलौनों का आयात होता है। खिलौना आयात 70 फीसदी कम हुआ है। यह खुशी की बात है कि इस दौरान भारत का खिलौना निर्यात 2600 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। पहले भारत से बाहर सिर्फ 300-400 करोड़ रुपए के खिलौने भेजे जाते थे। यह सब कोरोना काल में हुआ।

पर्यावरण अनुकूल हैं भारत के खिलौने
नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने पहले ही बताया था कि भारत खिलौना निर्यात के मामले में विश्व का सबसे प्रमुख देश बन सकता है। भारत में बने खिलौने पर्यावरण के अनुकूल हैं। ये परंपरा और प्रकृति दोनों के अनुरूप हैं। हमारे युवाओं, स्टार्ट-अप और उद्यमियों के कारण खिलौना उद्योग ने यह सफलता हासिल किया है। भारत के खिलौना उद्योग ने खुद को बदलकर अपनी क्षमता साबित कर दी है। निर्माता अब भारतीय पौराणिक कथाओं, इतिहास और संस्कृति के आधार पर खिलौने बना रहे हैं।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में हर जगह खिलौनों के क्लस्टर हैं। छोटे उद्यमियों को इससे बहुत लाभ मिल रहा है। उनके खिलौने अब दुनिया भर में बिक रहे हैं। भारत के खिलौना निर्माता दुनिया के प्रमुख ब्रांडों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। स्टार्ट-अप सेक्टर भी खिलौनों की दुनिया पर पूरा ध्यान दे रहा है। बैंगलोर में शुम्मे टॉयज नाम का एक स्टार्ट-अप इको-फ्रेंडली खिलौनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। 

यह भी पढ़ें- मन की बात: जन आंदोलन का रूप ले रहा आजादी का अमृत महोत्सव, किसानों के जीवन में मिठास घोल रहा शहद

उन्होंने कहा कि पुणे स्थित फनवेंशन विज्ञान, प्रौद्योगिकी और गणित में बच्चों की रुचि जगाने और उन्हें सीखने के लिए खिलौनों का इस्तेमाल कर रहा है। इस क्षेत्र में स्टार्ट-अप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "आइए हम सब मिलकर भारतीय खिलौनों को पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाएं। इसके साथ ही मैं अभिभावकों से भी आग्रह करूंगा कि वे ज्यादा से ज्यादा भारतीय खिलौने, पजल और खेल खरीदें।"

यह भी पढ़ें- मन की बात: पीएम ने लोगों से की अपील, 2-15 अगस्त तक प्रोफाइल पिक्चर के रूप में लगाएं तिरंगा