नई दिल्ली. पाकिस्तान की ओर से अकारण की गई गोलीबारी के जवाब में भारतीय सेना ने रविवार को पाक अधिकृत कश्मीर में नीलम घाटी स्थित कम से कम चार आतंकी शिविरों और पाक सेना के कई ठिकानों पर भीषण हमला किया, जिसमें छह पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई और खबर है कि बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी।

कम से कम 20 आतंकी ढेर 
इस बीच, एक उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि भारत की कार्रवाई में कम से कम 20 आतंकवादी मारे गए। उन्होंने कहा यह आंकड़ा बढ़ सकता है। जवाबी कार्रवाई ऐसे समय की गई जब शनिवार शाम पाकिस्तान की गोलीबारी में भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए और एक आम नागरिक मारा गया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के तंगधार सेक्टर के दूसरी तरफ नीलम घाटी में चार आतंकी लॉन्च पैड भारतीय सेना की गोलीबारी में पूरी तरह से नष्ट हो गए। उस समय प्रत्येक ठिकाने में 10-15 आतंकवादी मौजूद थे। भारतीय सेना की इस कार्रवाई को फरवरी में बालाकोट हमले के बाद सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया जा रहा है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत की कार्रवाई के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से बात की और वे नियंत्रण रेखा के हालात पर नजर रखे हुए हैं। 

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने किए कई ट्वीट 
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा कि भारत की कार्रवाई में कुल पांच पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हुई है। गफूर ने आरोप लगाया, "भारतीय सेना द्वारा निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना कथित शिविरों को निशाना बनाने के उनके झूठे दावों को सही ठहराने का एक प्रयास है।" गफूर ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना के हमले में नौ भारतीय सैनिकों की मौत हो गई और भारत के दो बंकर तबाह हो गए।

हालांकि भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गफूर के आरोपों को खारिज कर दिया।

जवाबी कार्यवाई में नष्ट किए लॉंच पैड 
भारतीय सेना के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने कल शाम तंगधार सेक्टर के भारतीय क्षेत्र में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए अकारण संघर्षविराम उल्लंघन शुरू कर दिया। अधिकारी ने कहा कि भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में आतंकवादियों के लॉंच पैडों और इन लॉंच पैडों को सुरक्षा प्रदान करने वाली अनेक पाकिस्तानी चौकियों तथा कुछ शस्त्र स्थलों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान सीमा पार से आतंकी गतिविधियों में मदद देना जारी रखता है तो भारतीय सेना को अपने हिसाब के समय और जगह पर जवाब देने का अधिकार है।

[यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है]