3 सितंबर से शुरू होने वाले वार्षिक अभ्यास में भारतीय सेना की नागा बटालियन के 200 सैनिक, 17 देशों की सेना के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

नई दिल्ली। भारतीय सेना युद्ध खेल के माध्यम से अन्य देशों के बीच सैन्य व रणनीतिक सम्बन्धों को बढ़ाएगी। सैन्य और रणनीतिक संबंधों को बढ़ाने के लिए रूस के निज़नी में आयोजित होने वाले एक मल्टीनेशनल युद्ध खेल ZAPAD में भाग लेगी। इसमें चीन और पाकिस्तान पर्यवेक्षक के रूप में भाग लेंगे।

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3 सिंतबर से शुरू होगा वार्षिक अभ्यास

3 सितंबर से शुरू होने वाले वार्षिक अभ्यास में भारतीय सेना की नागा बटालियन के 200 सैनिक, 17 देशों की सेना के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

क्या है ZAPAD 2021?

ZAPAD 2021 रूसी सशस्त्र बलों द्वारा आयोजित एक अभ्यास है जो मुख्य रूप से आतंकवाद विरोधी अभियानों पर केंद्रित है। यूरेशियन और दक्षिण एशियाई क्षेत्रों के एक दर्जन से अधिक देश अभ्यास में शामिल होंगे।

कैसे किया गया चयन

रूस के लिए रवाना होने से पहले, भारतीय सैनिकों का इसके लिए चयन किया गया। एक कड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से सैनिकों को बटालियन में रखा गया था जिसमें mechanised, airborne और heliborne, आतंकवाद का मुकाबला, मुकाबला कंडीशनिंग और फायरिंग ऑपरेशन प्रशिक्षण शामिल थे।

ये देश होंगे शामिल

इन देशों में चीन, पाकिस्तान, आर्मेनिया, बेलारूस, नेपाल, श्रीलंका, इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, वियतनाम, सर्बिया, मंगोलिया, म्यांमार, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं।

140 सदस्यीय भारतीय सेना की टुकड़ी ने 2019 में अभ्यास Tsentr में भाग लिया था। भारत कोविड -19 महामारी का हवाला देते हुए 2020 कावकाज़ (Kavkaz) अभ्यास से दूर रहा था। चीन और पाकिस्तान ने उस संयुक्त अभ्यास में भाग लिया था। पूर्वी लद्दाख में शत्रुता की पृष्ठभूमि में चीन के साथ उसके जटिल संबंधों के कारण भारत ने कावकाज़ अभ्यास को छोड़ दिया।

अगले कुछ हफ्तों में भारत शंघाई सहयोग संगठन सैन्य अभ्यास में भी भाग लेगा, जिसमें चीन और पाकिस्तान के सैनिक भी भाग लेंगे।