रेल मंत्री के अनुसार, भारतीय रेलवे की समय-पाबंदी 80% तक पहुँच गई है, जो कई यूरोपीय देशों से बेहतर है। अब वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेनों में लोअर बर्थ के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। यूपी में रेलवे परियोजनाओं के लिए बजट भी बढ़ाया गया है।

नई दिल्ली: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे की कुल समय-पाबंदी 80 प्रतिशत तक बढ़ गई है। उन्होंने राज्यसभा को बताया कि यह कई यूरोपीय देशों से भी बेहतर है। मंत्री जी प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब दे रहे थे। हाल के सालों में बेहतर रखरखाव के तरीकों और सिस्टम में किए गए सुधारों की वजह से यह उपलब्धि हासिल हुई है।

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उन्होंने सदन में कहा, 'रेलवे की कुल समय-पाबंदी 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो एक शानदार उपलब्धि है। 70 रेलवे डिवीजनों में तो यह 90 प्रतिशत से भी ज़्यादा है। समय के मामले में भारतीय रेलवे कई यूरोपीय देशों से आगे है।' एक और सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से जुड़े बलिया स्टेशन से 82 ट्रेन सेवाएं चलाई जा रही हैं।

इसके अलावा, अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश में रेलवे परियोजनाओं के लिए बजट बढ़ाना एक ऐतिहासिक कदम है। 2014 से पहले, इसके लिए सिर्फ 100 करोड़ रुपये रखे जाते थे। लेकिन आज यह कई गुना बढ़ गया है। रेलवे अंडर-ब्रिज और ओवर-ब्रिज के बारे में एक और सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सुरक्षा एक बड़ा पहलू है, इसलिए ऐसे पुलों के निर्माण पर खास ध्यान दिया गया है।

भारतीय रेलवे का अहम फैसला

वहीं, भारतीय रेलवे ने वरिष्ठ महिला नागरिकों और बुजुर्गों को लोअर बर्थ में प्राथमिकता देने का फैसला किया है। फैसला लिया गया है कि टिकट बुक करते समय अगर ऑप्शन नहीं भी दिया गया हो, तब भी वरिष्ठ महिलाओं और बुजुर्गों को लोअर बर्थ दी जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा को लिखित में बताया कि स्लीपर क्लास में सात, थर्ड एसी में पांच और सेकेंड एसी में चार बर्थ प्राथमिकता के आधार पर दी जाएंगी।