नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच प्रवासी मजदूरों के लिए चलाई गई ट्रेन में 80 यात्रियों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50 लाख से अधिक प्रवासी मजदूर अपने घर पहुंचने में सफल हुए। इनके लिए करीब 3840 स्पेशल ट्रेन चलाई गईं। 80 प्रतिशत ट्रेनें तो उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए ही चलाई गईं। 

9 मई से 27 मई के बीच 80 लोगों की मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 9 मई से 27 मई के बीच प्रवासी मजदूरों के लिए चलाई गई ट्रेनों में 80 लोगों की मौत हुई। इसपर रेल  मंत्रालय का कहना है कि ट्रेनों में मरने वाले अधिकांश लोग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। वे इलाज के लिए शहरों में आए थे और लॉकडाउन के कारण वहीं फंस गए थे। 

मृतकों की सूची जल्द ही जारी की जाएगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया, ट्रेनों में सफर के दौरान जिन 80 लोगों की मौत हुई है, उनकी शुरुआती सूची बन चुकी है। राज्यों के साथ समन्वय के बाद अंतिम सूची भी जल्दी ही तैयार हो जाएगी।  

यूपी और बिहार के लिए चलीं सबसे ज्यादा ट्रेन
रेलवे के मुताबिक, सबसे ज्यादा यूपी और बिहार के लिए ट्रेने चली हैं। 9 मई से 27 मई तक ईस्ट सेंट्रल रेलवे जोन, नॉर्थ ईस्टर्न जोन, नॉर्दर्न रेलवे जोन और नॉर्थ सेंट्रल रेलवे जोन में ट्रेनों में यात्रियों की मौत हुई। इनकी उम्र 4 से 85 साल तक थी। 
 
ट्रेनों में 30 से ज्यादा डिलीवरी
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने बताया, भारतीय रेलवे ने अपने डॉक्टर भेजकर ट्रेन में 30 से ज्यादा डिलीवरी कराई हैं। भारतीय रेलवे के डॉक्टरों और नर्सों ने 24 घंटे काम करके जहां जरूरत है वहां पहुंच कर डिलीवरी कराई और अस्पताल घर में शिफ्ट किया।

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