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इशरत जहां एनकाउंटर केस: सीबीआई कोर्ट ने चार आरोपी पुलिस अफसरों को आरोपमुक्त करने से किया इंकार

अहमदाबाद में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को इशरत जहां केस में चार आरोपी पुलिस अफसरों द्वारा दाखिल डिस्चार्ज याचिका का निपटारा कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया है कि वह याचिका दायर करने वाले अफसरों जेजी परमार, तरुण बरोट, जीएल सिंघल और अनाजु चौधरी के खिलाफ जांच करने के लिए राज्य सरकार से मंजूरी ले।

Ishrat Jahan encounter case CBI court refuses to drop proceedings against four accused officers KPP
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Ahmedabad, First Published Oct 23, 2020, 6:01 PM IST
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अहमदाबाद. अहमदाबाद में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को इशरत जहां केस में चार आरोपी पुलिस अफसरों द्वारा दाखिल डिस्चार्ज याचिका का निपटारा कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया है कि वह याचिका दायर करने वाले अफसरों जेजी परमार, तरुण बरोट, जीएल सिंघल और अनाजु चौधरी के खिलाफ जांच करने के लिए राज्य सरकार से मंजूरी ले। इन चारों अफसरों में जेजी परमार का 21 सितंबर को ही निधन हो गया। इसके बाद उनका नाम इस केस से हटा दिया गया।

सीबीआई कोर्ट के स्पेशल जज वीआर रावल ने शुक्रवार को तीनों आरोपी अफसरों को आरोपमुक्त करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, आरोपी पुलिस अधिकारियों द्वारा मुठभेड़ होने की वजह से आरोपी गंभीर मामले में शामिल हैं। इसके अलावा यह भी साफ हो गया कि आरोपियों ने यह अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते हुए यह किया, इसलिए सीबीआई को मंजूरी मिलनी चाहिए।

15 जून 2004 को हुआ था एनकाउंटर
डीजी बंजारा के नेतृत्व में गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद में 15 जून 2004 को इशरत जहां, उसके साथियों प्राणेश कुमार पिल्लई, अमजद अली और जीशान जौहर को एनकाउंटर में मार गिराया था। गुजरात पुलिस ने दावा किया था कि ये चारों लश्कर ए तैयबा के आतंकी थे और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करना चाहते थे। 
 
सीबीआई ने 7 लोगों के खिलाफ किया था मामला दर्ज
सीबीआई ने 2013 में इस मामले में 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इनमें से तीन अफसरों पीपी पांडेय, डीजी बंजारा और एनके अमीन बरी हो गए थे। सीबीआई कोर्ट को मौजूदा आरोपियों ने बताया था कि सीबीआई को आरोप तय करने से पहले उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिलने की उम्मीद थी।

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