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जम्मू-कश्मीर में अंतर्कलह: नियुक्ति के एक घंटे बाद ही गुलाम नबी आजाद ने छोड़ी कैंपेन कमेटी

विभिन्न राज्यों में बगावत व अंतर्कलह झेल रही कांग्रेस को अब जम्मू-कश्मीर में झटका लगा है। पार्टी के दिग्गज नेता व पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद ने राज्य कैंपेन कमेटी के चेयरमैनशिप से इस्तीफा देकर राजनीतिक तूफान ला दिया है। 
 

Jammu Kashmir Former CM Ghulam Nabi Azad rebellion move, resigned from State campaign committee chairmanship within one hour of appointment, DVG
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Srinagar, First Published Aug 17, 2022, 12:12 AM IST

नई दिल्ली। कांग्रेस (Congress) अब जम्मू-कश्मीर में विद्रोह (Rebel in Jammu Kashmir Congress) को झेलने को मजबूर है। पार्टी के सीनियर लीडर पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad resigned) ने कैंपेन कमेटी के चीफ के पद से अपना इस्तीफा दे दिया है। अपनी नियुक्ति के एक घंटे बाद ही इस्तीफा से कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व में हड़कंप मचा है। दरअसल, माना जा रहा कि आजाद ने नियुक्तियों को एक डिमोशन के रूप में देखा क्योंकि वह पहले से ही पार्टी की अखिल भारतीय राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य हैं। पार्टी के टॉप लीडरशिप में शुमार आजाद, राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं साथ ही व पार्टी के महत्वपूर्ण पदों पर रहने के अलावा केंद्र में भी मंत्री रह चुके हैं।

जी-23 में शामिल थे आजाद

पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद उन विद्रोही नेताओं के समूह जी-23 में शामिल थे जिन्होंने सोनिया गांधी को नेतृत्व परिवर्तन को लेकर एक पत्र लिखा था। इस विस्फोटक लेटर से काफी घमासान मचा हुआ था। सूत्रों के अनुसार गुलाम नबी आजाद का यह फैसला उनके करीबी सहयोगी गुलाम अहमद मीर के जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद नए अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद आया है। मीर ने अध्यक्ष पद से करीब एक महीना पहले ही इस्तीफा दिया था। Congress ने Jammu Kashmir में विकार रसूल वानी को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।

सोनिया गांधी ने विभिन्न समितियों का किया है गठन

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तत्काल प्रभाव से जम्मू-कश्मीर में विभिन्न समितियों का गठन किया है। पार्टी ने अभियान समिति, राजनीतिक मामलों की समिति, समन्वय समिति, घोषणापत्र समिति, प्रचार एवं प्रकाशन समिति, अनुशासन समिति और प्रदेश चुनाव समिति का भी गठन किया है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव मतदाता सूची को अंतिम रूप देने और परिसीमन की कवायद पूरी होने के बाद होंगे। हालांकि, इस बात की चिंता है कि इस साल चुनाव नहीं हो सकते क्योंकि परिसीमन और मतदाता सूची का संशोधन सर्दी शुरू होने से पहले पूरा नहीं किया जा सकता है। 

चुनाव का शेड्यूल अभी तय नहीं

चुनाव की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है। चुनाव आयोग ने हाल ही में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख को 25 नवंबर तक संशोधित किया है। परिसीमन अभ्यास में विधानसभा सीटों की सीमाओं को फिर से तैयार किए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश की यह पहली मतदाता सूची होगी।

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