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जम्मू-कश्मीर में बढ़ाई जाएगी सुरक्षा, तलिबान को प्रभावित करने की कोशिश में ISI: सूत्र

सूत्रों ने कहा कि तालिबान ने कश्मीर पर अपना रुख स्पष्ट किया है। यह इसे एक द्विपक्षीय, आंतरिक मुद्दा मानता है उनका ध्यान कश्मीर पर नहीं है।सूत्रों ने बताया कि कश्मीर में सुरक्षा चौकसी बढ़ाई जाएगी लेकिन चीजें नियंत्रण में हैं।

Jammu Kashmir, security will be increased as ISI may influence Taliban as per sources
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New Delhi, First Published Aug 17, 2021, 6:52 PM IST
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नई दिल्ली. अफगानिस्तान में तलिबान ने कब्जा कर लिया है। अफगानिस्तान की मौजूदा हालत पर भारत निगरानी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, भारत अफगानिस्तान से अधिक भारतीयों को निकालने के लिए चार्टर विमानों को किराए पर लेने के विकल्प भी तलाश रहा है। नागरिकों की वापसी के लिए भारत ने अपना C-17 ताजिकिस्तान के अयनी एयर बेस पर खड़ा किया है क्योंकि अफगानिस्तान में काबुल हवाई अड्डे पर भारी भीड़ थी। इसलिए भारतीय विमान अयनी एयर बेस पर स्टैंडबाय पर थे और काबुल हवाई अड्डे को नियंत्रित कर रही अमेरिका फोर्स से मंजूरी मिलने के बाद काबुल के लिए उड़ान भरी। इसके साथ-साथ ही जम्मू-कश्मीर में भी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।

 

सूत्रों का कहना है कि भारत यह भी देखेगा कि अन्य लोकतंत्र, तालिबान शासन पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। सूत्रों ने कहा कि अफगानिस्तान में तलिबान के कब्जे के बाद सुरक्षा की चिंता हो गई है। क्योंकि अफगानिस्तान इस्लामिक आतंकवाद का पहला केंद्र बन सकता है जिसके पास एक राज्य है, उनके पास उन सभी हथियारों तक पहुंच है जो अमेरिकियों ने आपूर्ति की है और 3 लाख से अधिक अफगान राष्ट्रीय सेना के जवानों के हथियार भी हैं।


सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान बेस्ड लश्कर-ए-तैयबा और लश्कर-ए-झांगवी जैसे समूहों की उपस्थिति अफगानिस्तान में है, उन्होंने तालिबान के साथ काबुल के कुछ गांवों और कुछ हिस्सों में चेक पोस्ट बनाए हैं। हालांकि सूत्रों ने कहा कि तालिबान ने कश्मीर पर अपना रुख स्पष्ट किया है। यह इसे एक द्विपक्षीय, आंतरिक मुद्दा मानता है उनका ध्यान कश्मीर पर नहीं है। सूत्रों ने बताया कि कश्मीर में सुरक्षा चौकसी बढ़ाई जाएगी लेकिन चीजें नियंत्रण में हैं और अफगानिस्तान में पाकिस्तान स्थित समूहों के पास स्थिति का उपयोग करने की क्षमता बहुत कम है। पहले अफगानिस्तान में पाकिस्तानी संगठनों के शिविर थे। इसलिए हमें जम्मू-कश्मीर में सावधान रहना होगा।

 

सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई तालिबान को प्रभावित करने की कोशिश करेगी। हालाँकि, इसका बहुत सीमित प्रभाव होगा क्योंकि तालिबान ने ताकत की स्थिति में सत्ता हासिल कर ली है। ISI केवल कमजोर तालिबान को प्रभावित कर सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति में इसकी संभावना कम ही दिखती है।

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सूत्रों ने बताया कि अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर पीएम लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं। वह देर रात तक स्थिति का जायजा ले रहे थे और जब फ्लाइट ने उड़ान भरी तो उन्हें अपडेट किया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि जामनगर लौटने वाले सभी लोगों के लिए भोजन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए। 

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