कर्नाटक के हुबली में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने के चलते हुई हिंसा (Karnataka Violence) और फिर आधी रात को उग्र भीड़ द्वारा पुलिस थाने पर पथराव के बाद लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं। इस मामले में AIMIM के दो नेताओं सहित 138 लोगों को पकड़ा जा चुका है। 

हुबली, कर्नाटक. हुबली में पिछले दिनों हुई हिंसा के बाद सरकार के कड़े निर्देश के बाद पुलिस सख्ती से एक्शन ले रही है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करने के चलते हुई हिंसा (Karnataka Violence) और फिर आधी रात को उग्र भीड़ द्वारा पुलिस थाने पर पथराव के बाद लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं। इस मामले में AIMIM के दो नेताओं सहित 146 लोगों को पकड़ा जा चुका है।

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AIMIM के नेताओं ने भड़काई थी हिंसा
ओल्ड हुबली पुलिस स्टेशन में पथराव की घटना के सिलसिले में एक और AIMIM नेता दादापीर बेटगेरी को गिरफ्तार किया है। इससे पहले पार्षद नजीर अहमद होन्याल को गिरफ्तार किया था। इस हिंसा में 12 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस आयुक्त हुबली धारवाड़ ने बताया कि पुराने हुबली थाने में पथराव की घटना के सिलसिले में 146 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 145 आरोपियों को हुबली, धारवाड़, बल्लारी और कलबुर्गी जेलों में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, एक मुख्य आरोपी पुलिस हिरासत में है।

सरकार ने दिखाई थी सख्ती
इस हिंसा के बाद कर्नाटक सरकार ने उपद्रवियों से सख्ती से निपटने को कहा था। कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई(CM Basavaraj Bommai) ने कहा था-हमने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। जांच के बाद अपराधियों के खिलाफ होगी कार्रवाई। कर्नाटक सरकार में मंत्री डॉ. सीएन अश्वत्नारायण( Dr. CN Ashwathnarayan) ने बोले थे-कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। नागरिकों और पुलिस पर हमला असहनीय है। हम इस घटना की निंदा करते हैं।

यह था पूरा मामला
हुबली-धारवाड़ के पुलिस आयुक्त लाभ राम के अनुसार, एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर एक समुदाय को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक पोस्ट की थी। लोगों आपत्ति पर पुलिस ने शिकायत दर्ज करके एक युवक को गिरफ्तार किया था। उसके समर्थन में आधी रात को बड़ी संख्या में लोग पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए और हंगामा करने लगे। वे पथराव कर रहे थे। उपद्रवियों को खदेड़ने पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा था। आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े थे। हिंसा के बाद शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी। भीड़ ने कुछ पुलिस वाहनों में भी तोड़फोड़ की थी।

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