मंत्रालय ने पिछले महीने निर्णय किया था कि कश्मीरी विस्थापितों को जो छूट उपलब्ध है, उसे घाटी में रह रहे कश्मीरी पंडित परिवारों को भी दिया जाएगा। 

नई दिल्ली: मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए कश्मीरी विस्थापितों के बच्चों को जो छूट दी जाती है, वह रियायत घाटी में रह रहे कश्मीरी पंडितों को मौजूदा आरक्षण के भीतर ही दी जाएगी। मंत्रालय ने पिछले महीने निर्णय किया था कि कश्मीरी विस्थापितों को जो छूट उपलब्ध है, उसे घाटी में रह रहे कश्मीरी पंडित परिवारों को भी दिया जाएगा। यह छूट देश के अन्य हिस्सों में उच्च शिक्षण संस्थानों में 2020-21 के शैक्षणिक सत्र से शुरू होने वाले दाखिलों में लागू होगी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अगला आदेश आने तक मौजूदा व्यवस्था के तहत मिलेगा आरक्षण

अधिसूचना जारी होने के बाद मंत्रालय से इस संबंध में शिक्षण संस्थानों पूछा था कि क्या यह पांच फीसदी आरक्षण मौजूदा आरक्षण में से ही है या उससे अलग है। इस पर मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कश्मीरी विस्थापितों और घाटी में रह रहे कश्मीरी पंडितों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2020-21 से और उससे आगे अगला आदेश आने तक आरक्षण मौजूदा व्यवस्था के तहत दिया जाएगा।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)