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पंडित Birju Maharaj का निधन: आखिरी बार पोती के हाथ से पी थी कॉफी, कहा था- डांसर नहीं होता तो मैकेनिक बनता

कथक नृतक बिरजू महाराज के निधन पर उनकी पोती रागिनी महाराज ने बताया कि पिछले एक महीने से उनका इलाज चल रहा था। बीती रात उन्होंने मेरे हाथों से खाना खाया, मैंने कॉफी भी पिलाई।

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New Delhi, First Published Jan 17, 2022, 8:42 AM IST

नई दिल्ली. प्रसिद्ध कथक नर्तक पंडित बिरजू महाराज (Birju Maharaj) का हार्ट अटैक से निधन हो गया है। पद्म विभूषण से सम्मानित 83 साल के बिरजू महाराज ने रविवार सोमवार की दरमियानी रात दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके पोते स्वरांश मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बारे में जानकारी दी। बिरजू महाराज का जन्म 4 फरवरी 1938 को लखनऊ में हुआ था। उनका पूरा नाम पंडित बृजमोहन मिश्र था। लखनऊ घराने से ताल्लुक रखने वाले बिरजू महाराज कथक डांसर होने के साथ ही शास्त्रीय गायक भी थे। 

एक महीने से थे बीमार
कथक नृतक बिरजू महाराज के निधन पर उनकी पोती रागिनी महाराज ने बताया कि पिछले एक महीने से उनका इलाज चल रहा था। बीती रात उन्होंने मेरे हाथों से खाना खाया, मैंने कॉफी भी पिलाई। इसी बीच उन्हें सांस लेने में तक़लीफ हुई हम उन्हें अस्पताल ले गए लेकिन उन्हें बचाया ना जा सका। उन्होंने बताया कि वह गैजेट्स से बहुत प्यार करते थे। वह हमेशा कहते थे अगर वह डांसर नहीं होते तो मैकेनिक होते। मेरे दिमाग में उनकी छवि हमेशा मुस्कुराती रहेगी। उन्होंने बताया कि उनका पिछले एक महीने से इलाज चल रहा था। बीती रात करीब 12.15 या 12.30 बजे उन्हें अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई। हम उन्हें 10 मिनट के भीतर अस्पताल ले आए, लेकिन उनका निधन हो गया। 

फिल्मों में भी किया था डांस कोरियोग्राफ
बिरजू महाराज ने देवदास, डेढ़ इश्किया, उमराव जान और बाजी राव मस्तानी जैसी फिल्मों के लिए डांस कोरियोग्राफ किया था। इसके अलाव इन्होंने सत्यजीत रे की फिल्म 'शतरंज के खिलाड़ी' में म्यूजिक भी दिया था। बिरजू महाराज को 1983 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही इन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कालिदास सम्मान भी मिला है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और खैरागढ़ विश्वविद्यालय ने बिरजू महाराज को डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी दी थी। 

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