दिल्ली में 3 दिन से हिंसा हो रही है। 9 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। हिंसा पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, इससे ज्यादा शर्म की बात कुछ और नहीं हो सकती।

नई दिल्ली. दिल्ली में 3 दिन से हिंसा हो रही है। 9 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। हिंसा पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, इससे ज्यादा शर्म की बात कुछ और नहीं हो सकती। जो था वो भी लुट गया। ये माना जाता था कि राजधानी सुरक्षित है लेकिन कल तो इन्होंने राजधानी भी आग के हवाले कर दी। जो मौजपुर, जाफराबाद, करावल नगर में हुआ वो पुलिस, आरएसएस और भाजपा ने कराया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

उपराज्यपाल अनिल बैजल ने क्या कहा?
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा की घटनाओं पर दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कहा, आज के माहौल में मुख्यमंत्री जी और मैं दोनों यही चाहते हैं कि अमन और शांति बनी रहे। हमें हमारे पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की मदद करनी चाहिए।

अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?
हिंसा पर अरविंद केजरीवाल ने कहा, सब लोग चाहते हैं कि हिंसा रूकनी चाहिए। हिंसा से किसी का भी भला नहीं हो रहा। गृहमंत्री जी के साथ बैठक बहुत सकारात्मक रही, जिसमें पार्टी पॉलिटिक्स से ऊपर उठकर सबने ये तय किया कि ये हमारी सबकी दिल्ली का मामला है और हम सब मिलकर दिल्ली में शांति बहाल करेंगे।

गौतम गंभीर ने क्या कहा?
भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने कहा, जिसने भी भड़काने वाले बयान दिए हैं उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे वह कपिल मिश्रा हो या कोई और। किसी भी पार्टी से हो। अगर उसने कोई भड़काऊ भाषण दिया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और जो कार्रवाई होगी मैं उसके साथ हूं।

कैसे हुई हिंसा की शुरुआत?
शाहीनबाग में सीएए के विरोध में करीब 2 महीने से ज्यादा वक्त से महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। रविवार की सुबह कुछ महिलाएं जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर होते-होते मौजपुर में भी कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। शाम को भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया, वह दिल्ली में दूसरा शाहीन बाग नहीं बनने देंगे। वे भी अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतर आए हैं। उन्होंने लिखा, सीएए के समर्थन में मौजपुरा में प्रदर्शन। मौजपुर चौक पर जाफराबाद के सामने। कद बढ़ा नहीं करते। एड़ियां उठाने से। सीएए वापस नहीं होगा। सड़कों पर बीबियां बिठाने से।' भाजपा समर्थकों के सड़क पर उतरने के बाद मौजपुर चौराहे पर ट्रैफिक दोनों तरफ से बंद हो गया है। समर्थन में लोग सड़कों पर बैठ गए हैं। इसी दौरान सीएए का विरोध करने वाले और समर्थन करने वाले दो गुटों में पत्थरबाजी हुई। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई।