दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कोरोना से निपटने के लिए एक 5-T प्लान पेश किया। केजरीवाल ने कहा, दिल्ली में कोरोना को नियंत्रित करने के लिए यह प्लान एक्सपर्ट से बात करके तैयार किया गया है।

नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कोरोना से निपटने के लिए एक 5-T प्लान पेश किया। केजरीवाल ने कहा, दिल्ली में कोरोना को नियंत्रित करने के लिए यह प्लान एक्सपर्ट से बात करके तैयार किया गया है। इसके अलावा केजरीवाल ने कई और बड़े ऐलान किए। 

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केजरीवाल ने कहा, हार्ट, लिवर, कैंसर और डायबिटीज और 50 साल से ऊपर के मरीजों को अस्पताल में रखा जाएगा। वहीं, 50 साल के कम उम्र के मरीज और जिन्हें कम लक्षण हैं, उन्हें होटल या धर्मशाला में रखकर मेडिकल सेवाएं उपलब्ध कराईं जाएंगी। गंभीर मरीजोंं के लिए 8000 बेड की व्यवस्था की जा रही है।

दिल्ली में 400 वेंटिलेटर की जरूरत
केजरीवाल ने कहा, अगर दिल्ली में 30 हजार केस सामने आते हैं, तो हमें इसके लिए तैयारियां करनी पड़ेंगी। अस्पतालों की पहचान हो चुकी है। जरूरत के वक्त होटलों के 12 हजार रूम भी इस्तेमाल में लिए जाएंगे। उन्होंने कहा, हमें 400 वेंटिलेटर की जरूरत है। 1200 आईसीयू बेड चाहिए। 

केजरीवाल का 5-T प्लान 

पहला T- केजरीवाल ने कहा, कोरोना से मुकाबले के लिए हम 5-टी प्लान लेकर आए हैं जिसका पहला टी है- टेस्टिंग। जो भी देश टेस्टिंग में चूके उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी। 
दूसरा T- ट्रेसिंग। हमें कोरोना पॉजिटिव लोगों के संपर्क को भी आइडेंटिफाई करके सेल्फ क्वारंटाइन करना पड़ेगा।
तीसरा T- उन्होंने कहा, प्लान का तीसरा टी है- ट्रीटमेंट। जो भी लोग कोरोना पॉजिटिव पाये जाएं उनकी ट्रीटमेंट अच्छे से होः
चौथा T- केजरीवाल ने कहा, चौथा टी है- टीम वर्क। किसी भी विपदा से बाहर निकलने के लिए हमें टीम की तरह काम करना होगा। कोई अगर ये सोचे कि कोरोना को हम अकेले ठीक कर देंगे तो ऐसा नहीं हो सकता। 
पांचवां T- ट्रैकिंग ऐंड मॉनिटरिंग। केजरीवाल ने कहा, बाकी सारी बातों की सफलता ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग पर निर्भर करती है, इसकी जिम्मेदारी मेरी है। मैं खुद इन सारी चीजों को मॉनिटर करूंगा।