केरल सरकार ने संशोधित नागरिकता कानून को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी और शीर्ष न्यायालय से अनुरोध किया।

नई दिल्ली, केरल सरकार ने संशोधित नागरिकता कानून को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी और शीर्ष न्यायालय से अनुरोध किया कि इस कानून को संविधान से परे घोषित किया जाए।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

केरल सरकार ने शीर्ष न्यायालय से अनुरोध किया कि सीएए 2019 को संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 21 (जीने की स्वतंत्रता का अधिकार), अनुच्छेद 25 (किसी भी धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता) का उल्लंघन घोषित किया जाए।

याचिका में केरल सरकार ने अनुरोध किया कि इस कानून को संविधान में प्रदत्त धर्मनिरपेक्षता के मूलभूत सिद्धांतों का उल्लंघन घोषित किया जाए।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)