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एक्टर सुशांत सिंह समेत ट्विटर के 250 अकाउंट बैन, किसान आंदोलन को लेकर अफवाह फैलाने का आरोप

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 250 ट्विटर अकाउंट्स बैन किए गए हैं। इन अकाउंट्स पर फर्जी और भड़काने वाले ट्वीट्स और हैशटैग चलाने का आरोप है। आरोप है कि इन ट्विटर अकाउंट्स से #ModiPlanningFarmerGenocide नाम के हैशटैग चलाए गए थे। 

Kisan Andolan 2021 Ministry of Home Affairs extends temporary suspension of internet till 2nd February Read details KPY
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New Delhi, First Published Feb 1, 2021, 1:28 PM IST
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नई दिल्ली. भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 250 ट्विटर अकाउंट्स बैन किए गए हैं। इन अकाउंट्स पर फर्जी और भड़काने वाले ट्वीट्स और हैशटैग चलाने का आरोप है। आरोप है कि इन ट्विटर अकाउंट्स से #ModiPlanningFarmerGenocide नाम के हैशटैग चलाए गए थे। 

सरकार ने गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों की अपील के बाद इन अकाउंट्स पर रोक लगाई। इन अकाउंट्स से 30 जनवरी को गलत और भड़काने वाले ट्वीट्स किए गए थे। 

किस किस के अकाउंट हुए बैन
जिन अकाउंट्स को बैन किया गया है, उनमें किसान एकता मोर्चा, द कारवां, मानिक गोयल, आप के पंजाब प्रमुख जरनैल सिंह, एक्टर सुशांत सिंह शामिल हैं। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को लेकर ट्वीट कर रहे इन अकाउंट्स को लेकर ट्विटर को लीगल नोटिस भेजा था। 
सरकार ने सिंघु, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर इंटरनेट किया बैन

दिल्ली में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों द्वारा तीन कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर रैली निकाली गई थी। इस रैली के दौरान किसानों ने दिल्ली की सड़कों पर काफी उत्पात मचा दिया था। ऐसे में पब्लिक प्रॉपर्टी को काफी नुकसान पहुंचा था, साथ ही कई पुलिसकर्मियों को भी नुकसान पहुंचाया था। इस मामले में 84 लोगों की गिरफ्तारी और 38 लोगों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इन सब के बावजूद अभी भी किसानों का प्रदर्शन बंद नहीं हुआ है। किसानों का प्रदर्शन बढ़ते हुए देख गृह मंत्रालय ने सिंघु, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर इंटरनेट पर रोक लगा दी है।

कब तक के लिए बंद किया गया है इंटरनेट...

गृह मंत्रालय ने सिंघु, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर 2 फरवरी रात 11 बजे तक इंटरनेट बंद कर दिया है। इससे पहले किसान आंदोलन को देखते हुए हरियाणा सरकार ने राज्य के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा को बंद कर दी गई थी। यहां केवल वॉइस कॉल ही की जा सकने की परमिशन दी गई थी। पहले अंबाला, यमुना नगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, हिसार, जिंद, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, रेवाड़ी और सिरसा जैसे इलाकों में रविवार को शाम 5 बजे तक इंटरनेट बंद कर दिया गया था। इसके साथ ही सोनीपत, पलवल और झझर जैसे इलाकों में भी इंटरनेट बंद किया गया था।

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11 घंटे तक चली थी किसानों की ट्रैक्टर रैली 

किसानों की ट्रैक्टर रैली 26 जनवरी को 11 घंटे तक चली थी। इस परेड के दौरान किसानों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़े। पुलिस वाहन और सरकारी बसों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने रोका तो उनसे भिड़ गए और पत्थरबाजी भी की। कुछ ने तो पुलिस पर ट्रैक्टर तक चढ़ाने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान निहंगों के जत्थे ने तलवारें लहराईं। इन सब घटनाओं ने दो महीने से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे इस आंदोलन को अराजकता का रंग दे दिया। परेड के दौरान हक के लिए किसानों ने हद पार कर दी थी। 

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