भारतीय विदेश मंत्रालय चीन को लेकर अपने रुख पर कायम है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा, गलवान घाटी में चीन की ओर से सुनियोजित तरीके से यह हरकत की गई। इसी वजह से यह हिंसा हुई। इस हिंसा में दोनों तरफ के लोग हताहत हुए हैं। 

नई दिल्ली. भारतीय विदेश मंत्रालय चीन को लेकर अपने रुख पर कायम है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा, गलवान घाटी में चीन की ओर से सुनियोजित तरीके से यह हरकत की गई। इसी वजह से यह हिंसा हुई। इस हिंसा में दोनों तरफ के लोग हताहत हुए हैं। भारत ने अपनी सभी गतिविधियां अपनी सीमा के अंदर की हैं। हमें चीन से ऐसी उम्मीद नहीं थी। 
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ईस्टर्न लद्दाख में राजनयिक और सैन्य स्तर पर तनाव कम करने के लिए बातचीत चल रही थी। 6 जून को भी बैठक हुई थी। 15 जून की रात को चीन ने गलवान वैली में यथास्थिति बदलने की कोशिश की। इसके बाद यह झड़प हुई। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है कि भारत का कोई भी जवान लापता नहीं है। 

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बातचीत जारी-विदेश मंत्रालय
उन्होंने कहा, दोनों पक्ष एक दूसरे के संपर्क में हैं। दोनों पक्षों के बीच 6 जून के समझौते का पालन करने को लेकर सहमति बनी है। भारत ने यह भी साफ कर दिया है कि वह शांति चाहता है, इसलिए चीन अपनी सीमा के अंदर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे।

भारत 8वीं बार यूएनएससी का अस्थाई सदस्य बना
इससे पहले विदेश मंत्रालय के सचिव विकास स्वरुप ने बताया कि भारत कल आठवीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य बना है। भारत को 184 सदस्य देशों ने वोट दिया। यह गुप्त मतदान था, इसलिए यह पता नहीं है कि किन 8 देशों ने वोटिंग में हमार साथ नहीं दिया। 

चीन ने फिर ठहराया भारत को जिम्मेदार
उधर, चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर भारत को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, चीन बार बार कह रहा है कि हिंसा इसलिए हुई, क्यों कि भारतीय सैनिकों ने दोनों देशों के बीच सहमति को तोड़ा। उन्होंने कहा, अभी सीमा पर स्थिति नियंत्रण में है। हमें भरोसा है कि दोनों देशों के नेता इस मामले को लेकर जिस नतीजे तक पहुंचेंगे, दोनों पक्ष उसे मानेंगे और क्षेत्र में शांति बनाएंगे।

शहीद हुए थे भारत के 20 जवान
भारत और चीन के बीच एलएसी पर तनाव अपने चरम पर है। 15 जून की रात को दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प में दोनों ओर नुकसान पहुंचा गया है। बताया जा रहा है कि इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए, जबकि चीन के 35 सैनिकों को नुकसान पहुंचा है। इनमें से कुछ मारे गए हैं, कुछ गंभीर रूप से घायल हुए हैं। भारतीय अफसरों ने अमेरिकी इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी।