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पटना पहुंचा रामविलास पासवान का पार्थिव शरीर; पीएम मोदी- शाह और राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह 10 बजे उनके सरकारी आवास 12 जनपथ दिल्ली में लाया गया। अंतिम दर्शन करने के बाद उनके शव को दोपहर 2 बजे पटना ले जाया जाएगा। वहां पर उनका पार्थिव शरीर लोक जनशक्ति पार्टी कार्यालय में रखा जाएगा। वहां पर भी उनके प्रशंसक उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर सकेंगे। शनिवार सुबह पटना में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 

last rites of Ram Vilas Paswan will be performed in Patna on 10 October kpn
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New Delhi, First Published Oct 9, 2020, 7:26 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह 10 बजे उनके सरकारी आवास 12 जनपथ दिल्ली में लाया गया। अंतिम दर्शन करने के बाद उनके शव को दोपहर 2 बजे पटना ले जाया जाएगा। वहां पर उनका पार्थिव शरीर लोक जनशक्ति पार्टी कार्यालय में रखा जाएगा। वहां पर भी उनके प्रशंसक उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर सकेंगे। शनिवार सुबह पटना में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 

अपडेट्स...

रामविलास पासवान को अंतिम विदाई। पीएम मोदी ने श्रद्धांजलि दी।

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए राष्ट्रपति भवन और संसद का झंडा आधा झुकाया गया।

 

8 अक्टूबर को निधन हुआ 
8 अक्टूबर को रामविलास पासवान के निधन की खबर उनके बेटे चिराग पासवान ने ट्वीट कर दी। रामविलास पासवान की 2 अक्टूबर की रात हार्ट सर्जरी हुई थी। वे पिछले करीब एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे। यह उनकी दूसरी हार्ट सर्जरी थी। इससे पहले भी उनकी एक बायपास सर्जरी हो चुकी थी।  

रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने ट्वीट कर जानकारी दी थी, पिछले कई दिनो से पापा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कल शाम अचानक उत्पन हुई परिस्थितियों की वजह से देर रात उनके दिल का ऑपरेशन करना पड़ा।  जरूरत पड़ने पर सम्भवतः कुछ हफ़्तों बाद एक और ऑपरेशन करना पड़े। संकट की इस घड़ी में मेरे और मेरे परिवार के साथ खड़े होने के लिए आप सभी का धन्यवाद।

पीएम मोदी ने कहा, अपना दुख शब्दों में बयां नहीं कर सकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामविलास पासवान के निधन पर कहा कि वो अपना दुख शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं। मैंने अपना दोस्त खो दिया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, देश ने एक दूरदर्शी नेता खो दिया है। रामविलास पासवान संसद के सबसे अधिक सक्रिय और सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मेंबर रहे। वे दलितों की आवाज थे और उन्होंने हाशिये पर धकेल दिए गए लोगों की लड़ाई लड़ी।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, रामविलास पासवान जी के असमय निधन का समाचार दुखद है। गरीब-दलित वर्ग ने आज अपनी एक बुलंद राजनैतिक आवाज खो दी। उनके परिवारजनों को मेरी संवेदनाएं।

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, रामविलास पासवान जी का निधन एक बेहद ही दुखद समाचार है। उन्होंने जिंदगी भर गरीबों की, वंचितों की, शोषितों की, दलितों की आवाज़ उठाई है और उत्थान की बात कही है। हमारे पिता से उनके बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। एक परिवार के रूप में हम लोग रहे हैं। 

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने लिखा, रामविलास पासवान जी का निधन एक बेहद ही दुखद समाचार है। वो जिंदगी भर दलित, पिछड़े सभी समूहों के लिए लड़ते थे। मंत्रीमंडल में वो बहुत सक्रिय रहते थे। प्रधानमंत्री मोदी जी पर उनका बहुत विश्वास था।

6 प्रधानमंत्रियों के साथ काम करने का अनूठा रिकॉर्ड
रामविलास पासवान का जन्म बिहार के खगरिया जिले के शाहरबन्नी गांव में हुआ। उनकी पहली पत्नी राजकुमारी से उषा और आशा नाम की दो बेटियां हैं। रामविलास पासवान  32 सालों में 11 चुनाव लड़ चुके हैं। उनमें से नौ जीत चुके हैं। इस बार उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा लेकिन इस बार सत्रहवीं लोकसभा में उन्होंने मोदी सरकार में एक बार फिर से उपभोक्ता मामलात मंत्री पद की शपथ ली। पासवान के पास 6 प्रधानमंत्रियों के साथ काम करने का अनूठा रिकॉर्ड भी है।

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