ममता बनर्जी ने अपने छोटे भाई स्वपन बनर्जी उर्फ बाबुन बनर्जी से नाता तोड़ लिया है। उन्होंने कहा है कि अब कोई स्वपन को उनका भाई नहीं कहेगा।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने छोटे भाई स्वपन बनर्जी उर्फ बाबुन बनर्जी से नाता तोड़ लिया है। स्वपन ने ऐसा काम किया, जिससे ममता आग बबूला हो गईं। उन्होंने ऐलान कर दिया कि अब से वह स्वपन की बहन नहीं। उसके साथ कोई नाता नहीं रखूंगी।

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ममता बनर्जी को अपने भाई पर इतना गुस्सा राजनीतिक बयानबाजी के चलते आया है। ममता ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा लोकसभा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए प्रसून बनर्जी को टिकट दिया है। स्वपन बनर्जी ने उनके इस फैसले का विरोध किया है। यह बात ममता को नागवार गुजरी है।

स्वपन बनर्जी ने हावड़ा से प्रसून बनर्जी को चुनावी मैदान में उतारने के तृणमूल कांग्रेस के फैसले पर नाराजगी व्यक्त की थी। इसके बाद ममता बनर्जी ने अपने छोटे भाई स्वपन बनर्जी को त्याग दिया है। उन्होंने बुधवार को कहा, "जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती है, उनका लालच भी बढ़ता जाता है। हमारे परिवार में कुल 32 लोग हैं। मैं उन्हें (स्वपन बनर्जी) अपने परिवार का सदस्य नहीं मानती। आज के बाद कोई उनका परिचय मेरे भाई के रूप में नहीं देगा। मैंने उनसे अपना रिश्ता तोड़ने का फैसला कर लिया है। प्रसून बनर्जी अर्जुन पुरस्कार विजेता हैं। वह हमारी पार्टी द्वारा नामित उम्मीदवार हैं।"

स्वपन बनर्जी ने कहा- हावड़ा से सक्षम उम्मीदवार को देना चाहिए टिकट

बता दें कि स्वपन बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि तृणमूल कांग्रेस को हावड़ा लोकसभा सीट के लिए दूसरे सक्षम उम्मीदवार को टिकट देना चाहिए था। उन्होंने कहा, "मैं हावड़ा लोकसभा सीट के प्रत्याशी के चुनाव से खुश नहीं हूं। प्रसून बनर्जी सही विकल्प नहीं हैं। कई सक्षम उम्मीदवारों को नजरअंदाज किया गया है। वह हावड़ा से सबसे खराब उम्मीदवार हैं।"

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कौन हैं प्रसून बनर्जी?

प्रसून बनर्जी पूर्व फुटबॉलर हैं। वह हावड़ा सीट से दो बार तृणमूल कांग्रेस के सांसद रहे हैं। पिछले दिनों टीएमसी ने लोकसभा चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल के 42 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की थी। इसमें हावड़ा से प्रसून बनर्जी का नाम था।

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