सार
Finance Bill 2025: लोकसभा (Lok Sabha) में मंगलवार को वित्त विधेयक पास हुआ। One Nation One Election पर JPC की अवधि बढ़ाई गई। Boilers Bill 2024 भी लोकसभा में पारित हुआ।
Finance Bill 2025: लोकसभा (Lok Sabha) में मंगलवार को कई बिला पास कराया गया। सरकार ने लोकसभा में वित्त विधेयक 2025 (Finance Bill 2025) पारित कराया है। इसके अलावा One Nation One Election पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की अवधि 2025 के मानसून सत्र तक बढ़ा दी गई। निचले सदन में बॉयलर बिल भी पास हो गया है।
वित्त विधेयक 2025 में क्या है खास?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि यह बिल कर स्थिरता (Tax Certainty) सुनिश्चित करने और व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business) को बढ़ाने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि इस बिल में अभूतपूर्व कर राहत (Tax Relief) प्रदान की गई है और विदेशी संपत्तियों पर कर संग्रह बढ़ाने के लिए नए प्रावधान किए गए हैं।
सीतारमण ने कहा कि यह विधेयक विकसित भारत 2047 (Viksit Bharat 2047) के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है। इसके जरिए सरकार ने टैक्स से जुड़े कई सुधार किए हैं जिससे लोगों और व्यापारियों को राहत मिलेगी।
विपक्ष और सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने इस विधेयक को अस्थायी समाधान करार दिया और GST में खामियों की आलोचना की। वहीं, भाजपा (BJP) सदस्यों ने सरकार की आर्थिक नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत की जीडीपी (GDP) दोगुनी हो गई है।
Boilers Bill 2024 भी हुआ पास
लोकसभा में Boilers Bill 2024 भी पारित हुआ जिसे पहले ही राज्यसभा (Rajya Sabha) से मंजूरी मिल चुकी थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने इस विधेयक को पेश किया। सरकार का कहना है कि यह विधेयक Ease of Doing Business (EoDB) को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है जिससे MSME सेक्टर के बॉयलर उपयोगकर्ताओं को लाभ होगा। इस बिल में कई पुराने प्रावधान हटाए गए हैं और जन विश्वास एक्ट 2023 के तहत अपराधों के लिए सजा के नियमों को सरल बनाया गया है।
वन नेशन-वन इलेक्शन JPC की अवधि बढ़ी
लोकसभा में एक देश-एक चुनाव पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। जेपीसी के चेयरमैन पीपी चौधरी (PP Chaudhary) ने संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 और संघ राज्य क्षेत्रों कानून (संशोधन) विधेयक 2024 पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय सीमा 2025 के मानसून सत्र तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिसे लोकसभा ने मंजूरी दे दी। सरकार का दावा है कि यह विधेयक देश में चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा, जिससे लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का रास्ता साफ हो सकता है।