Asianet News HindiAsianet News Hindi

पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस, थाणे पुलिस तलाश रही महाराष्ट्र के इस बड़े अफसर को

परमबीर सिंह के खिलाफ जुलाई में महाराष्ट्र के गृह विभाग ने सात सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। एसआईटी का नेतृत्व एक डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंपा गया था। एसआईटी परमबीर सिंह के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करेगी। 

Lookout notice process initiated for Mumbai former Police Commissioner Parambir Singh, Know all about
Author
Mumbai, First Published Aug 4, 2021, 11:09 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

मुंबई। पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Parambir Singh) के खिलाफ थाणे पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी करने का फैसला लिया है। जबरन वसूली व भ्रष्टाचार के केस में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर व अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। 

यह है पूरा मामला

परमबीर सिंह के खिलाफ सोनू जालान और केतन तन्ना ने 30 जुलाई को केस दर्ज कराया था। ठाणे पुलिस स्टेशन में की गई शिकायत के अनुसार तन्ना और सोनू जालान को झूठे केस में फंसाकर गिरफ्तार किया गया था और फिर परमबीर सिंह की शह पर उनसे वसूली की गई। केतन और सोनू ने बताया कि पुलिस मामला दर्ज नहीं कर रही थी तो उन लोगों ने सरकार के पास न्याय की गुहार लगाई थी। 

परमबीर सिंह के खिलाफ एसआईटी जांच चल रहा

परमबीर सिंह के खिलाफ जुलाई में महाराष्ट्र के गृह विभाग ने सात सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। एसआईटी का नेतृत्व एक डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंपा गया था। एसआईटी परमबीर सिंह के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करेगी। 
परमबीर सिंह सहित पांच लोगों डीसीपी पराग मनेरे, संजय पुनमिया, सुनील जैन और मनोज घोटकर के खिलाफ बिल्डर शरद अग्रवाल ने मकोका को झूठा केस लगाकर पंद्रह करोड़ रुपये वसूली करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। यह केस मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।  इसी मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित हुई है। 

कौन हैं परमबीर सिंह?

परमबीर सिंह महाराष्ट्र के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। मुंबई के कमिश्नर रहे हैं। बीते दिनों परमबीर सिंह को मुंबई पुलिस कमिश्नर पद से सरकार ने हटा दिया था। मुंबई से हटने के बाद परमबीर सिंह ने राज्य के तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य देने का आरोप लगाया था। 
पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के आरोपों के बाद सरकार के कद्दावर मंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) को कुर्सी गंवानी पड़ी थी। 100 करोड़ रुपये वसूली के लक्ष्य मामले में बाम्बे हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले में जांच का आदेश दे दिया था। सीबीआई जांच के आदेश के बाद ईडी भी सक्रिय हो गई थी। 

यह भी पढ़ें:

कर्नाटक में 29 मंत्रियों ने ली शपथ, न येदियुरप्पा के बेटे को जगह न कोई डिप्टी सीएम

स्वदेशी युद्धपोत Vikrant अरब सागर में निकला इतिहास रचने, आत्मनिर्भर और गौरवशाली भारत का हुआ ताकतवर आगाज

कांग्रेस के दिग्गज नेता के बेटे का IS से कनेक्शन!, NIA का चार जगहों पर रेड

फिर फंसेगा Twitter...राहुल का रेप पीडि़ता बच्ची की पहचान उजागर करने वाला फोटो-वीडियो हो रहा वायरल

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios