नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया जब कांग्रेस के 9 विधायक लापता हो गए। जिसके बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर 9 विधायकों को बंधक बनाकर रखने का आरोप लगा दिया। इसकी भनक लगने के बाद कमलनाथ सरकार के युवा सिपाही यानी मंत्री जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह तत्काल विशेष विमान से दिल्ली के रवाना हो गए और अपने विधायकों को वापस लाने की कवायद शुरू कर दी। बताया जा रहा कि जब कांग्रेस के दोनों मंत्री होटल मानेसर पहुंचे तो सिर्फ सरकार को बाहर से समर्थन देने वाली विधायक रामबाई ही मिली। जिसके बाद फिर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों को कहीं ओर लेकर चली गई है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच रातभर विधायकों की खींचतान का ड्रामा चला। आईए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि आखिर हुआ कब क्या-क्या हुआ...

  • कांग्रेस व अन्य कुल 9 विधायकों को दिल्ली से मानेसर के फाइव स्टार होटल में शिफ्ट कर दिया गया।
  • अपनी कुर्सी हिलती देख कमलनाथ ने आनन-फानन में विधायकों को छुड़ाने के मिशन पर अपने चार मंत्रियों को दिल्ली रवाना किया।
  • कांग्रेस के मंत्री होटल पहुंचे और फिर विधायकों को छुड़ाने की कोशिश की। बताया जा रहा कि बीजेपी नेताओं ने होटल में पुलिस बुला ली। जिसके बाद कांग्रेस के मंत्रियों और पुलिस के बीच भी कहासुनी। 
  • इसके बाद आधी रात मध्यप्रदेश के इस सियासी ड्रामे में कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की एंट्री हुई। दिग्विजय  सिंह भी होटल पहुंचे।
  • बताया जा रहा कि अपने विधायकों को वापस लेने पहुंचे मंत्री और बीजेपी के लोगों के बीच रात 2 बजे विधायकों की छिनाझपटी हुई। जिसमें बीएसपी विधायक रामाबाई कांग्रेस नेताओं के साथ रवना हुई। लेकिन बाकी विधायक होटल में ही मौजूद रहे।
  • इसके बाद दिग्विजय ने मीडिया से बात करते हुए कहा, होटल पहुंचकर बिसाहू लाल सिंह और रमाबाई से संपर्क किया गया। बीजेपी की रोकने की कोशिश के बाद भी रमाबाई हमारे साथ आ गईं।
  • मध्यप्रदेश की सियासी ड्रामे को जोर तब मिला जब पूर्व सीएम शिवराज सिंह मंगलवार देर शाम दिल्ली रवाना हुए। जिसके बाद कांग्रेस ने अपने विधायकों को कैद करने का आरोप लगाया। वहीं, भाजपा के दिग्गज नेता भूपेंद्र सिंह और नरोत्तम मिश्रा पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं। 
  • मंगलवार सुबह सीएम कमलनाथ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि फोकट के पैसे मिल रहे हैं ले लो...। दरअसल, कांग्रेस ने बीजेपी पर हॉर्स ट्रेडिंग करने का आरोप लगाया था।
  • मध्यप्रदेश की सियासत में ड्रामेबाजी ने जोर तब पकड़ा जब बीते सोमवार को पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया, 'भाजपा के लोग हमारे विधायकों को 5 करोड़ पहले, 5 करोड़ राज्यसभा चुनाव के दौरान, बाकि सरकार गिराने पर 5 करोड़ देने का वादा किया है। 

सभी विधायकों के फोन स्विच ऑफ 

सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि होटल में मौजूद विधायकों में सपा विधायक राजेश शुक्ला, गोहद विधायक रणवीर जाटव, गिर्राज दंडौतिया, संजीव कुशवाहा भी हैं। हालांकि, दिग्विजय सिंह ने इनके नामों की पुष्टि नहीं की है।