संसद के शीतकालीन सत्र में वायु प्रदूषण पर चर्चा हुई। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि वायु प्रदूषण को रोकने के लिए 1981 में जो एक्ट बनाया गया था उसको और मजबूत बनाने की जरूरत है। 300 करोड़ रुपए में इस देश की हवा साफ नहीं होने वाली है।  

नई दिल्ली. संसद के शीतकालीन सत्र में वायु प्रदूषण पर चर्चा हुई। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि वायु प्रदूषण को रोकने के लिए 1981 में जो एक्ट बनाया गया था उसको और मजबूत बनाने की जरूरत है। सरकार ने जनवरी 2018 में एक नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य अच्छा है पर उसका आउटले 300 करोड़ रखा है। 300 करोड़ रुपए में इस देश की हवा साफ नहीं होने वाली है। उन्होंने कहा कि इस सदन की एक स्थायी समिति बननी चाहिए।

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हर साल सुप्रीम कोर्ट जाने के जरूरत क्यों पड़ती है?
- मनीष तिवारी ने कहा, यह महत्वपूर्ण है कि आज यह सदन राष्ट्र को संदेश देता है कि यह (सदन), जिसमें वे अपने प्रतिनिधि के रूप में चुने गए लोगों को भेजता है, इस मुद्दे के प्रति संवेदनशील और गंभीर हैं। यह न केवल वायु प्रदूषण के बारे में है, बल्कि हमारी नदियां भी आज प्रदूषित हैं।
- उन्होंने कहा, जब दिल्ली में हर साल प्रदूषण का मुद्दा होता है, तो ऐसा क्यों है कि इस पर सरकार और इस सदन से कोई आवाज नहीं उठती है? लोगों को इस मुद्दे पर हर साल सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खटखटाने की जरूरत क्यों है? यह गंभीर चिंता का विषय है।