वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में जीडीपी के विकास दर पिछले सात सालों में सबसे निचले स्तर पर है। इस पर पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह सब सरकार के खराब प्रबंधन की वजह से हुआ है। देश की अर्थव्यवस्ता बहुत की चिंताजनक है। जीडीपी विकास दर का 5 प्रतिशत पर पहुंच जाना इस बात का संकेत है कि हम लंबी मंदी में फंस चुके हैं। भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी से बढ़ने की क्षमता है, लेकिन मोदी सरकार के खराब प्रबंधन ने इसे मंदी में धकेल दिया। 

नई दिल्ली. वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में जीडीपी के विकास दर पिछले सात सालों में सबसे निचले स्तर पर है। इस पर पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह सब सरकार के खराब प्रबंधन की वजह से हुआ है।

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- देश की अर्थव्यवस्ता बहुत की चिंताजनक है। जीडीपी विकास दर का 5 प्रतिशत पर पहुंच जाना इस बात का संकेत है कि हम लंबी मंदी में फंस चुके हैं। भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी से बढ़ने की क्षमता है, लेकिन मोदी सरकार के खराब प्रबंधन ने इसे मंदी में धकेल दिया। 

जल्दबाजी में लागू किया गया जीएसटी
उन्होंने कहा, हमारी अर्थव्यवस्था अब तक नोटबंदी जैसी गलतियों से उबर नहीं सकी है। सरकार ने जल्दबाजी में जीएसटी लागू किया। जल्दबाजी में लागू जीएसटी अर्थव्यवस्था की खराब हालत की बड़ी वजह है। 

ऑटोमोबाइल सेक्टर में गईं 3.5 लाख नौकरियां
मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार पर जॉबलेस ग्रोथ को बढ़ावा देने वाली सरकार बताया। उन्होंने कहा, अकेले ऑटोमोबाइल सेक्टर में ही 3.5 लाख लोगों की नौकरियां गई हैं। ग्रामीण भारत में किसानों को उनकी फसलों का पूरा दाम नहीं मिल रहा है। आय में लगातार गिरावट आ रही है।