एमसीडी में पार्षद के चुनाव से अपना राजनीतिक करियर की शुरूआत करने वाले महाबल मिश्र, दिल्ली में रह रहे बिहारियों व उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच खासे प्रसिद्ध हैं। पूर्वांचल के लोगों में लोकप्रिय नेता गिने जाने वाले महाबल मिश्र ने 1997 में डाबरी वार्ड से पहली बार एमसीडी चुनाव जीता था।

MCD elections: दिल्ली नगर निगम चुनाव के दौरान कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व सांसद महाबल मिश्र ने कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर दिया है। रविवार को महाबल मिश्र ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने एक रैली में पूर्व सांसद का स्वागत किया। आप संयोजक केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में पूर्वांचल समुदाय के नेता महाबल मिश्रा के अनुभव से आम आदमी पार्टी को देश को आगे ले जाने में मदद मिलेगी।

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कौन हैं महाबल मिश्र?

महाबल मिश्र, कांग्रेस के पूर्व सांसद हैं। वह मूल बिहार के मधुबनी जिला के सिरियापुर के रहने वाले हैं। एमसीडी में पार्षद के चुनाव से अपना राजनीतिक करियर की शुरूआत करने वाले महाबल मिश्र, दिल्ली में रह रहे बिहारियों व उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच खासे प्रसिद्ध हैं। पूर्वांचल के लोगों में लोकप्रिय नेता गिने जाने वाले महाबल मिश्र ने 1997 में डाबरी वार्ड से पहली बार एमसीडी चुनाव जीता था। पार्षद बनने के अगले साल ही 1998 में वह दिल्ली विधानसभा के नसीरपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुन लिए गए। तीन बार विधायक रहे महाबल मिश्र पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रहे हैं। मिश्र के बेटे विनय मिश्र 2020 में आम आदमी पार्टी को ज्वाइन कर लिए थे। इसके बाद कांग्रेस ने महाबल मिश्र को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। 

आप में शामिल होने के बाद क्या कहा महाबल मिश्र ने?

आम में शामिल होने के बाद पूर्व सांसद महाबल मिश्र ने कहा कि वह आम आदमी पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। 30 साल से लगातार जनता की सेवा कर रहा हूं। अब पूरे देश में पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करूंगा। उधर, आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व सांसद आप की क्रांति का हिस्सा बन गए हैं। वह सभी को बेहतरीन शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के आप के लक्ष्य को मजबूत करेंगे।