पर्यावरण एक्टिविस्ट भारत के किसान आंदोलन का समर्थन कर चर्चा में हैं। अब भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने ग्रेटा को बच्ची बताते हुए तंज कसा है। मीनाक्षी लेखी ने कहा, मैं ग्रेटा थनबर्ग को बाल वीरता पुरस्कार देने का प्रस्ताव करती हूं। इसे भारत सरकार को मानना चाहिए।

नई दिल्ली. पर्यावरण एक्टिविस्ट भारत के किसान आंदोलन का समर्थन कर चर्चा में हैं। अब भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने ग्रेटा को बच्ची बताते हुए तंज कसा है। मीनाक्षी लेखी ने कहा, मैं ग्रेटा थनबर्ग को बाल वीरता पुरस्कार देने का प्रस्ताव करती हूं। इसे भारत सरकार को मानना चाहिए।

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लेखी ने कहा, ग्रेटा को बाल वीरता पुरस्कार मिलना चाहिएस क्योंकि उन्होंने दस्तावेज पोस्ट करके भारत को अस्थिर करने की साजिशों के बारे में सबूत सबके सामने रखे हैं। यह एक बड़ी सेवा है। दरअसल, बुधवार को ग्रेटा ने किसान आंदोलन के समर्थन के लिए टूल किट जारी किया था। इसमें भारत विरोधी साजिशों को अंजाम देने का भी खुलासा हुआ था। 

ग्रेटा सिर्फ एक बच्ची- लेखी
लेखी ने कहा, ग्रेटा सिर्फ एक बच्ची हैं। मैं निंदा करती हूं कि उनका नाम लोगों ने नोबेल के लिए प्रस्तावित किया। एक बच्ची जिसे स्थाई कृषि पद्धतियों, पराली जलाने, फसलों की विभिन्नता और जल संसाधन प्रबंधन की समझ नहीं, उसे नोबेल के लिए प्रस्तावित नहीं किया जाना चाहिए। यह समाज और विश्वसनीयता के लिए गलत है। 

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दोहरा चरित्र सबके सामने आया
इससे पहले मीनाक्षी लेखी ने कहा, नोबेल प्राइज वातावरण की सुरक्षा के लिए अच्छे कामों के लिए दिया जाता है लेकिन यहां तो जो लोग पराली जलाते हैं, वातावरण को प्रदूषित करते हैं, पानी का दुरुपयोग करते हैं, ग्रेटा थनबर्ग ऐसे लोगों के साथ खड़ी हो गई हैं। इस पूरे आंदोलन का दूसरा चेहरा सबके सामने आ गया है।

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