भारत - चीन सीमा तनाव के बीच दोनों देशों के कमांडर की आज मीटिंग हो रही है। मीटिंग में विदेश मंत्रालय (Ministry of Foreign affairs) के एक अफसर भी शामिल हैं। पूर्वी लद्दाख में चीन की घुसपैठ की कोशिशों की वजह से पिछले 4 महीनों से तनाव बना हुआ है। 29 अगस्त से 8 सितंबर के बीच अब तक दोनों के बीच 3 बार गोलियां चल चुकी हैं। 

नई दिल्ली. भारत और चीन के सीमा विवाद के बीच आज लद्दाख सीमा पर दोनों देशों के कॉर्प्स कमांडर की छठी मीटिंग चल रही है। चीन की तरफ चुशूल सेक्टर के मोल्डो में यह मीटिंग चल रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक आज की इस मीटिंग में विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी भी शामिल हैं। कॉर्प्स कमांडर स्तर की पिछली 5 मीटिंग के बाद पहली बार इस मीटिंग में कोई डिप्लोमेट शामिल हुआ है।

भारत डिसएंगेजमेंट और डी-एस्क्लेशन का दबाव डालेगा

मीटिंग में भारत इस पर दबाव डाल सकता है कि पूर्वी लद्दाख में चीन डिसएंगेजमेंट (सैनिकों को पीछे हटाने) और डी-एस्क्लेशन (तनाव कम करने) करे। भारत-चीन के बीच ऐसी ही कॉर्प्स कमांडर की पिछली मीटिंग करीब एक महीने पहले हुई थी। इन मीटिंग्स के अलावा दोनों देशों के बीच ग्राउंड कमांडर स्तर की बातचीत करीब-करीब हर रोज हो रही है।

29-30 अगस्त की रात को पैंगॉन्ग झील इलाके के दक्षिणी छोर की पहाड़ी पर चीन ने कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय जवानों ने उनकी इस कोशिश को नाकाम कर दिया था। इसके बाद चीन ने 2 बार फिर ऐसी ही हरकत की। 29 अगस्त से लेकर 8 सितंबर तक दोनों के बीच अब तक 3 बार हवा में गोलियां चल चुकी हैं।

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