अमेरिकी रिसर्च फर्म Hindenburg द्वारा अडानी समूह की विदेशी फर्जी कंपनियों के साथ भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) प्रमुख के संबंधों के आरोपों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है।

पीटीआई नई दिल्ली: अडानी समूह की विदेशी फर्जी कंपनियों के साथ भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) प्रमुख के संबंधों के आरोपों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है।

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कांग्रेस ने कहा है कि मामले को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) जांच के लिए भेजा जाना चाहिए, अन्यथा देशभर में आंदोलन किया जाएगा। इसके जवाब में भाजपा ने कहा कि हिंडनबर्ग का मुद्दा कांग्रेस के लिए सिर्फ एक बहाना है। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस का मकसद देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना है। वहीं, केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि भारत हिंडनबर्ग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। इस बीच, हिंडनबर्ग ने भी प्रतिक्रिया देते हुए सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच को चुनौती दी है कि वह उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को झूठा साबित करें।

जांच की मांग पर भाजपा अड़ी:

हिंडनबर्ग के आरोपों की जेपीसी जांच की कांग्रेस की मांग को खारिज करते हुए भाजपा ने कहा कि जेपीसी जांच की मांग महज एक दिखावा है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस का मकसद भारत की अर्थव्यवस्था को बदनाम करना और उसे कमजोर करना है।

हिंडनबर्ग के खिलाफ कार्रवाई:

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 'हिंडनबर्ग कंपनी कांग्रेस के साथ मिलकर भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उस कंपनी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 'बड़े पापा के बेटे' राहुल गांधी, जयराम रमेश और हिंडनबर्ग गैंग मिलकर देश को बदनाम कर रहे हैं।'

देशव्यापी आंदोलन:

मामले की जेपीसी जांच की अपनी मांग दोहराते हुए कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर जेपीसी जांच नहीं हुई तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा। इस बारे में एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, ‘यह बहुत ही गंभीर आरोप है। प्रधानमंत्री की चुप्पी देश की विश्वसनीयता को खराब कर रही है। मामले की जेपीसी जांच होनी चाहिए।’

वहीं, पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान जारी कर कहा, 'सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच के खिलाफ हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई या विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराई जानी चाहिए। माधवी पुरी बुच को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।'

आरोप झूठे साबित करें-हिंडनबर्ग:

इस बीच, माधवी पुरी बुच को 'एक्स' के जरिए चुनौती देते हुए हिंडनबर्ग कंपनी ने कहा, 'आपने बरमूडा, मॉरीशस की गुप्त कंपनियों में निवेश की बात स्वीकार की है। इसलिए हमारे आरोपों को झूठा साबित करने की जिम्मेदारी आपकी है। अडानी से जुड़ी विदेशी और घरेलू कंपनियों के जरिए आपने किन-किन ग्राहकों के साथ लेन-देन किया है, उसकी लिस्ट जारी करें। यह भी साबित करें कि उन सभी के साथ आपका लेन-देन साफ-सुथरा है।'

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