जहां एक ओर हैदराबाद में डॉक्टर से गैंगरेप फिर हत्या करने के मामले में आरोपियों के एनकाउंटर का जश्न मनाया जा रहा है। वहीं, 7 साल पहले दिल्ली में हुए दिल दहला देने वाले निर्भया केस में गृह मंत्रालय ने दया याचिका खारिज कर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेज दी है। 

नई दिल्ली. जहां एक ओर हैदराबाद में डॉक्टर से गैंगरेप फिर हत्या करने के मामले में आरोपियों के एनकाउंटर का जश्न मनाया जा रहा है। वहीं, 7 साल पहले दिल्ली में हुए दिल दहला देने वाले निर्भया केस में गृह मंत्रालय ने दया याचिका खारिज कर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेज दी है। इससे पहले गृह मंत्रालय ने एक दिन में ही दया याचिका खारिज कर दी है। साथ ही राष्ट्रपति से भी दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की गई है। 

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निर्भया केस में तिहाड़ में बंद दोषियों में सिर्फ विनय शर्मा ने दया याचिका दाखिल की है। इसे हाल ही में दिल्ली सरकार और दिल्ली के उप-राज्यपाल ने खारिज कर दी थी। माना जा रहा है कि 16 दिसंबर 2012 को निर्भया गैंगरेप की वारदात के चारों दोषियों को आगामी 16 दिसंबर को ही फांसी पर लटकाया जा सकता है।

दया याचिका का प्रावधान खत्म हो- राष्ट्रपति 
इससे पहले राजस्थान में एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि महिला सुरक्षा काफी गंभीर विषय है। पॉक्सो एक्ट के तहत रेप के मामलों में दोषियों की दया याचिका के प्रावधान को खत्म करना चाहिए। संसद को ही दया याचिका का रिव्यू करना चाहिए।

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