भारत के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में पिछले हफ्ते अचानक करीब 90 सूअरों की मौत से हड़कंप मच गया है। सूअर की मौत से ग्रामीणों में दहशत है। ये हालात तब हैं जब देश में कोरोना की दूसरी लहर चरम पर है।  

नेशनल डेस्क: भारत में देखते ही देखते कोरोना की दूसरी लहर फ़ैल गई है। तेजी से फ़ैल रहे इस वायरस की वजह से देश में दुबारा से लॉकडाउन की चर्चा होने लगी है। इस बीच अब पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में सूअरों की मौत से हड़कंप मच गया है। मिजोरम में अचानक ही करीब 87 सूअरों की मौत की खबर है। इससे ग्रामीणों में खौफ फ़ैल गया है। सभी सूअरों से दूर रहने की कोशिश कर रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि सूअरों की मौत के पीछे अफ़्रीकी स्वाइन फ्लू कारण है।

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21 मार्च से शुरू हुआ सिलसिला 
मिजोरम के लुंगसेन गांव में अभी तक करीब 87 सूअरों की मौत हो गई है। यहां सूअर की पहली मौत की खबर 21 मार्च को मिली थी। इसके बाद एक के बाद एक कई सूअर मरते ही चले गए। अभी तक इनकी मौत के पीछे का कारण सामने। इनके सैंपल को ELISA और PCR टेस्ट द्वारा जांचा गया है। इसमें अंदाजा लगाया गया है कि ये अफ़्रीकी स्वाइन फ्लू है। इसे कन्फर्म करने के लिए सैंपल को राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (NIHSAD) भेजा गया है। 

लगाई गई है धारा 144 
अचानक राज्य में हो रहे सूअरों की मौत के बाद राज्य में ASF ने अलर्ट जारी कर दिया है। यहां 2 अप्रैल से ही धारा 144 लागू कर दिया गया है। यहां पहुंची टीम ने पशुओं का टिशू और ब्लड सैंपल लिया है। अब इसकी जांच के बाद पता लगाया जाएगा कि आखिर मामला क्या है? 

पहले भी फैला था दूसरा वायरस 
इस साल कोरोना में फैले इस वायरस की वजह से अबतक 40 लाख रुपए के नुकसान की बात कही जा रही है। वहीं इससे पहले यहां PRRS (पोर्सिन रिप्रोडक्टिव एंड रेसिपिरेटरी सिंड्रोम) फैला था। इसकी वजह से 2013, 2016, 2018 और 2020 में भी मिजोरम में सूअरों की मौत का सिलसिला देखने को मिला था। तब भी हजारों सूअरों की जान गई थी। उस समय हुए नुकसान का आंकड़ा 10 करोड़ 60 लाख था।